
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में करीब 10-12 दिनों तक मौसम शुष्क और गर्म रहने के बाद मानसूनी हवाओं ने एक बार फिर जोरदार वापसी की है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, गुरुवार से राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह से सक्रिय हो गई हैं। 25 से 28 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों और पश्चिमी यूपी के अधिकांश हिस्सों में तेज गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं।
30-40 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, तापमान में आएगी बड़ी गिरावट
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बारिश के इस नए दौर में प्रदेश भर में करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रतिघंटे या इससे भी अधिक हो सकती है। मानसूनी बारिश और बादलों की वजह से राज्य के अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिलेगी।
बांदा, प्रयागराज और रायबरेली समेत 36 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, अमूमन सितंबर के आखिरी सप्ताह में हल्की-फुल्की छिटपुट बारिश होती है, लेकिन इस बार बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम की वजह से अच्छी बरसात देखने को मिलेगी। मौसम विभाग ने बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली और अमेठी समेत आसपास के जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही प्रदेश के 36 जिलों में मेघगर्जन के साथ वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी जारी की गई है।
जानिए कब तक होगी बारिश और कब होगी मानसून की विदाई?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश में 28 सितंबर तक रुक-रुककर झमाझम बारिश होती रहेगी। 29 सितंबर से मौसम के मिजाज में आंशिक बदलाव देखने को मिल सकता है, हालांकि 3 अक्टूबर तक छिटपुट वर्षा का दौर जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश से मानसून की पूरी तरह से विदाई 4 अक्टूबर तक होने की उम्मीद है, जिसके बाद प्रदेश में मौसम शुष्क और साफ हो जाएगा।










