उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले ग्रेटर नोएडा में शुक्रवार को चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का धमाकेदार आगाज हुआ। इस भव्य आयोजन का उद्घाटन देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से किया। 25 से 29 सितंबर तक चलने वाले इस महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के बेहतरीन उत्पादों, पारंपरिक हस्तशिल्प, एमएसएमई सेक्टर, अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और कृषि क्षेत्रों को सीधे वैश्विक बाजार से जोड़ना है। इस पांच दिवसीय ट्रेड शो में देश-दुनिया से 2,400 से अधिक प्रदर्शक और 550 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खरीदार शिरकत कर रहे हैं, जो राज्य के औद्योगिक विकास के एक नए युग की गवाही दे रहे हैं।
कभी माफियाओं का था राज, आज कानून-व्यवस्था से बढ़ रहा निवेशकों का भरोसा
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सूबे की पिछली सरकारों और मौजूदा योगी सरकार के कामकाज की खुलकर तुलना की। उन्होंने दो टूक कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश में माफियाओं का बोलबाला था और खराब कानून-व्यवस्था राज्य में निवेश के रास्ते की सबसे बड़ी दीवार थी। साल 2017 में जब से प्रदेश की कमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभाली, तब से माफियाओं पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई और राज्य में उद्योग-धंधों के लिए एक सुरक्षित माहौल तैयार हुआ।
अमित शाह ने साल 2013 के उस दौर की याद भी दिलाई जब उत्तर प्रदेश का एक निवेश सम्मेलन लखनऊ के बजाय राजधानी दिल्ली में आयोजित कराना पड़ा था, क्योंकि निवेशकों के मन में सुरक्षा को लेकर भारी आशंकाएं थीं। आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं और ग्रेटर नोएडा की धरती पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का यह ट्रेड शो इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि निवेशकों का भरोसा उत्तर प्रदेश पर अटूट हो चुका है।
‘मेक इन इंडिया’ की तर्ज पर ग्लोबल हब बन रहा उत्तर प्रदेश का डिफेंस कॉरिडोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की चर्चा करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि आज भारत ने विनिर्माण और निर्यात के मामले में पूरी दुनिया में अपनी एक मजबूत और अलग पहचान बनाई है। देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के निर्यात में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश भी इस विकास यात्रा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से यूपी के डिफेंस कॉरिडोर का जिक्र करते हुए कहा कि आज राज्य में देश की रक्षा जरूरतों के लिए हथियारों और उपकरणों का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू हो चुका है, जिससे यूपी आत्मनिर्भर भारत का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।
दो लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा यूपी का निर्यात: सीएम योगी
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गर्व के साथ घोषणा की कि आज उत्तर प्रदेश से करीब दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादों का निर्यात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल मार्केट में यूपी के सामानों की बेहतरीन गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और हमारे उद्यमियों की विश्वसनीयता ने अपनी एक खास जगह बना ली है। पिछले चार सालों में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो ने उत्तर प्रदेश के लोकल हुनर को ग्लोबल मार्केट तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित किया है।
सीएम योगी ने बताया कि इस साल के ट्रेड शो में पिछले संस्करणों के मुकाबले कहीं अधिक देशों के खरीदार और बिजनेस प्रतिनिधि पहुंचे हैं। वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों के साथ-साथ न्यू एज टेक्नोलॉजी और आधुनिक उत्पादों की मांग दिन-प्रतिदिन तेजी से बढ़ रही है। राज्य सरकार ने पारंपरिक हुनर को तकनीक, बेहतरीन डिजाइन, आकर्षक पैकेजिंग और आधुनिक ब्रांडिंग के जरिए बाजार में उतारने का सफल प्रयास किया है।
जड़ों से जुड़कर जो चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है
उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक ताकत पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की असली ताकत उसकी समृद्ध परंपरा और स्थानीय हुनर में छिपी है। जो राज्य या व्यक्ति अपनी जड़ों से मजबूत जुड़ाव रखते हुए दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, पूरी दुनिया उसी का अनुसरण करती है। यह ट्रेड शो महज एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह परंपरा और तकनीक, विरासत और इनोवेशन तथा हुनर और बाजार को आपस में जोड़ने वाला एक जीवंत मंच है। सरकार ने गांवों और दूरदराज के जिलों में छिपे पारंपरिक कौशल को पहचान कर उसे सीधे ग्लोबल मार्केट से जोड़ने का ऐतिहासिक काम किया है।
79 उत्पादों को मिला जीआई टैग, 75 नए आवेदन प्रक्रिया में
लोकल फॉर वोकल अभियान की सफलता का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश के अब तक 79 एमएसएमई उत्पादों को प्रतिष्ठित जीआई (GI) टैग मिल चुका है, जबकि 75 अन्य नए उत्पादों के लिए आवेदन प्रक्रिया में हैं। इस सूची में भदोही की विश्व प्रसिद्ध कालीन, मुरादाबाद का चमचमाता पीतल, कन्नौज की खुशबूदार इत्र और वाराणसी की शानदार सिल्क साड़ियां शामिल हैं। राज्य सरकार की तरफ से एक जिला एक उत्पाद (ODOP), पीएम विश्वकर्मा योजना और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से छोटे कारीगरों और पारंपरिक शिल्पकारों को आधुनिक प्रशिक्षण, मुफ्त टूलकिट, आसान ऋण, ब्रांडिंग और बड़ा बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है।
















