
असम के गुवाहाटी में गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की 26 वर्षीय छात्रा की शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक होमस्टे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्रा, धरापुर-गराल स्थित होमस्टे में अपने परिचित 26 वर्षीय आशिक अली के साथ ठहरी हुई थी। 26 सितंबर की सुबह वह कमरे में गंभीर हालत में मिली, जिसके बाद उसे तुरंत गराल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आशिक अली को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है।
मौत से कुछ घंटे पहले मां को किया था आखिरी फोन
यह मामला तब और अधिक गंभीर हो गया जब छात्रा के पिता दीप ठाकुरिया ने पुलिस और मीडिया को बताया कि शनिवार तड़के करीब 2 बजे उनकी बेटी ने अपनी मां को फोन किया था। परिजनों के अनुसार, उसने रोते हुए बताया था कि उसके साथ मारपीट की गई है और उसकी छाती पर घूंसे मारे गए हैं। इसके तुरंत बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया और परिवार से संपर्क टूट गया।
परिजनों का यह भी कहना है कि छात्रा घर से हॉस्टल में रुकने का कहकर निकली थी। परिवार को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि वह धरापुर स्थित ‘रुद्राज किचन’ (Rudra’s Kitchen) नाम के होमस्टे में ठहरी हुई है।
रात 9:30 बजे मंगाया खाना, तड़के 2:30 बजे सुनाई दीं चीखें
होमस्टे कर्मचारी बिपुल बैलुंग के अनुसार, दोनों कमरा नंबर-10 में ठहरे थे और उन्होंने रात करीब 9:30 बजे खाना ऑर्डर किया था। इसके बाद तड़के करीब 2:30 से 3 बजे के बीच कर्मचारियों ने कमरे से चीखने और रोने की आवाजें सुनीं। जब कर्मचारी अंदर पहुंचे, तो छात्रा फर्श पर अचेत पड़ी थी और आशिक उसे पकड़े हुए था।
आशिक का दावा- आत्महत्या की; पुलिस कर रही फॉरेंसिक जांच
पुलिस हिरासत में आशिक अली ने दावा किया है कि छात्रा ने पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या की थी और उसने उसे नीचे उतारा। हालांकि, पुलिस इस दावे को अंतिम तथ्य नहीं मान रही है। डीसीपी (वेस्ट) बोलिन देउरी ने बताया कि पुलिस परिवार द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों और आशिक के आत्महत्या के दावे—दोनों पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम और सीआईडी (CID) ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और अब पोस्टमॉर्टम व विसरा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
नियमों के उल्लंघन पर होमस्टे सील, एनएच-17 पर प्रदर्शन
जांच के दौरान पुलिस को होमस्टे के रिकॉर्ड और सत्यापन में भारी लापरवाही मिली। बिना वैध पहचान पत्र जमा किए दोनों को कमरा दिया गया था, जिसके बाद प्रशासन ने होमस्टे को सील कर दिया है और मालिक से पूछताछ की जा रही है।
घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों और छात्र संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग 17 (NH-17) पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फोन डेटा और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर पारदर्शी कार्रवाई की जाएगी।















