CBSE Three Language Policy : कक्षा 6 के छात्रों के लिए राहत की खबर, CBSE की 3 भाषा नीति पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा निर्देश

CBSE Three Language Policy : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर चल रहे विवाद में कक्षा 6 के छात्रों को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने CBSE को निर्देश दिया है कि वर्तमान में कक्षा 6 में पढ़ रहे छात्रों को तीन-भाषा नीति के तहत छूट दी जाए। कोर्ट ने कहा कि इन छात्रों के साथ भी कक्षा 7, 8 और 9 के छात्रों की तरह ही व्यवहार किया जाए। दरअसल, CBSE ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 6 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं की व्यवस्था लागू की थी। इस व्यवस्था के तहत छात्रों को R1, R2 और R3 के रूप में तीन भाषाओं का अध्ययन करना है। CBSE के दिशानिर्देशों में कम से कम दो भारतीय भाषाओं को शामिल करने की बात कही गई है।

1 अप्रैल 2027 से लागू करने पर हुई थी चर्चा

इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने CBSE से कक्षा 6 के छात्रों के लिए तीन-भाषा नीति को अगले शैक्षणिक सत्र से लागू करने पर विचार करने को कहा था। कोर्ट ने सुझाव दिया था कि नई व्यवस्था को 1 अप्रैल 2027 से लागू किया जा सकता है, ताकि मौजूदा कक्षा 6 के छात्रों को अचानक भाषा बदलने की परेशानी न हो। CBSE की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के सामने कहा था कि बोर्ड कोर्ट के सुझाव पर विचार करेगा और इस संबंध में नया नोट पेश करेगा। जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने बच्चों की परेशानी को देखते हुए CBSE से अगले शैक्षणिक सत्र से थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने को टालने पर विचार करने को कहा था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर मौजूदा कक्षा 6 के छात्र इसी वर्ष से तीन भाषाएं पढ़ना चाहते हैं, तो उन्हें इसकी अनुमति दी जा सकती है।

केंद्र सरकार कक्षा 6 को छूट देने के पक्ष में नहीं था

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से कक्षा 6 के छात्रों को इस नीति से अलग रखने के पक्ष में सहमति नहीं जताई गई थी। सरकार की ओर से यह भी बताया गया था कि करीब 99 प्रतिशत CBSE स्कूल तीन-भाषा नीति को लागू करने के लिए तैयार हैं। इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने मौजूदा कक्षा 6 के छात्रों को राहत देने का निर्देश दिया है। इसका मतलब है कि वर्तमान कक्षा 6 के छात्रों पर नई व्यवस्था को उसी तरह लागू नहीं किया जाएगा, जैसा शुरुआत में प्रस्तावित किया गया था।

क्या है CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी?

CBSE की नई भाषा व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के तहत लाई जा रही है। इसके तहत कक्षा 6 से छात्रों को तीन भाषाओं का अध्ययन करना है। इन्हें R1, R2 और R3 के रूप में वर्गीकृत किया गया है। CBSE के दिशानिर्देशों के मुताबिक, छात्रों की तीन भाषाओं में कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल होनी चाहिए। इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को एक से अधिक भारतीय भाषाओं से परिचित कराना है।

अचानक भाषा बदलने को लेकर उठे थे सवाल

थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर विवाद मुख्य रूप से मौजूदा कक्षा 6 के छात्रों के लिए व्यवस्था लागू किए जाने के बाद सामने आया। याचिकाकर्ताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि कई बच्चे चौथी कक्षा से ही अपनी पसंद की भाषाओं का अध्ययन कर रहे हैं। ऐसे में कक्षा 6 में अचानक भाषा बदलने से छात्रों को पढ़ाई में परेशानी हो सकती है। याचिकाकर्ताओं ने इसी आधार पर मौजूदा कक्षा 6 के छात्रों को राहत देने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी सुनवाई के दौरान बच्चों की इस परेशानी को लेकर चिंता जताई थी। अब कोर्ट के निर्देश के बाद मौजूदा कक्षा 6 के छात्रों को थ्री लैंग्वेज पॉलिसी के मामले में राहत मिल गई है।

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