
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद स्थित सरकारी ट्रॉमा सेंटर में देर रात एक 25 वर्षीय युवक की मौत के बाद परिजनों और मेडिकल स्टाफ के बीच तीखी झड़प और हंगामा हो गया। जहां मृतक के परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया, वहीं स्वास्थ्यकर्मियों ने परिजनों पर अभद्रता और मारपीट का आरोप जड़ दिया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष ट्रॉमा सेंटर के बाहर मुख्य सड़क पर धरने पर बैठ गए, जिससे अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गईं और लगभग तीन घंटे तक इलाज कार्य ठप रहा।
इलाज के दौरान 25 वर्षीय मोनू की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महादेव नगर निवासी 25 वर्षीय मोहन उर्फ मोनू शर्मा पुत्र रुकम पाल को अचानक तबीयत बिगड़ने पर इलाज के लिए सरकारी ट्रॉमा सेंटर लाया गया था। इलाज के दौरान रात करीब 10 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने डॉक्टरों तथा पैरामेडिकल स्टाफ पर समय पर सही इलाज न देने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
डॉक्टरों और परिजनों में तकरार, सड़क पर शुरू हुआ धरना-प्रदर्शन
परिजन और मेडिकल स्टाफ के आमने-सामने आने से मामला उग्र हो गया। स्टाफ के साथ अभद्रता का आरोप लगाते हुए सभी डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी काम का बहिष्कार कर ट्रॉमा सेंटर के बाहर सड़क पर धरने पर बैठ गए। दूसरी ओर, इंसाफ की मांग को लेकर मृतक के रोते-बिलखते परिजन भी सड़क पर ही बैठ गए। दोनों तरफ से शुरू हुए इस प्रदर्शन के कारण ट्रॉमा सेंटर में आने वाले अन्य आपातकालीन मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची, जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
स्थिति बिगड़ती देख जिला प्रशासन हरकत में आया और कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित डॉक्टरों और परिजनों को काफी देर तक समझा-बुझाकर शांत कराया। करीब तीन घंटे के कड़े मशक्कत के बाद धरना समाप्त कराया जा सका और पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
दोनों पक्षों की तहरीर पर जांच शुरू
मामले की जानकारी देते हुए नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडे ने बताया कि रात करीब 10 बजे मोनू शर्मा नाम के मरीज की मौत के बाद विवाद उत्पन्न हुआ था। घटना के संबंध में परिजनों और मेडिकल स्टाफ दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ लिखित तहरीर प्राप्त हुई है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं, जिसके आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।












