दुबई/रियाद: दुबई से इजराइल जा रही ‘फ्लाईदुबई’ (Flydubai) की फ्लाइट FZ1073 में बुधवार को कॉकपिट के भीतर पायलट और को-पायलट के बीच हिंसक झड़प का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। मामला इतना गंभीर हो गया था कि विमान को अचानक रास्ता बदलकर सऊदी अरब के तबूक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी।
अब इस मामले में सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने अपना पहला आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि शुरुआती जांच में को-पायलट द्वारा भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मछार पर हमला करने की पुष्टि हुई है। इस मारपीट में दोनों को गंभीर चोटें आई हैं।
174 यात्रियों की बची जान, कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की हो रही सराहना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब कॉकपिट में विवाद और हाथापाई हुई, तब क्रू मेंबर्स ने स्थिति को संभाला और विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब की ओर मोड़ा। एटीसी से आपातकालीन लैंडिंग की अनुमति मिलने के बाद सुबह 9:45 बजे (स्थानीय समय) विमान सुरक्षित उतर गया। विमान में 174 यात्री और 8 क्रू मेंबर्स सवार थे, जिन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
विमान के कैप्टन स्मित मछार भारतीय नागरिक हैं, जिन्होंने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अदम्य साहस दिखाते हुए विमान को सुरक्षित लैंड कराया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की तारीफ करते हुए उन्हें ‘हीरो’ बताया और कहा कि उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर एक बड़ा हादसा टाल दिया। कैप्टन और को-पायलट को पहले तबूक के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद गुरुवार को उन्हें अबू धाबी ले जाया गया।
UAE ने शुरू की टेरर एंगल से जांच, नहीं उड़ाई जाएंगी अफवाहें
इस अभूतपूर्व घटना के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अटॉर्नी जनरल हमद सैफ अल शम्सी ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। संयुक्त जांच टीम इस बात का पता लगा रही है कि क्या इस मारपीट के पीछे कोई आपराधिक साजिश, आतंकवादी इरादा या पूर्व-नियोजित योजना शामिल थी।
UAE के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चूंकि यह विमान संयुक्त अरब अमीरात में पंजीकृत (Registered) है और उसका ध्वज धारण करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार UAE के कानूनों के तहत ही इस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अटॉर्नी जनरल ने आम जनता और मीडिया से अपील की है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी तरह की अटकलों और बिना पुष्टि वाली जानकारियों पर विश्वास न करें।
















