लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के नाका थाना क्षेत्र स्थित राजेंद्र नगर चौराहे के पास विजन अपार्टमेंट से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। 1 अक्टूबर 2026 की रात एक 17 वर्षीय नाबालिग बेटे ने अपनी ही 42 वर्षीया मां की सिर पर लोहे की भारी रेंज से ताबड़तोड़ वार कर निर्मम हत्या कर दी। इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड के पीछे पिछले 5-6 सालों से जारी एक गहरी मानसिक उलझन, जेंडर आइडेंटिटी (Gender Identity) और पारिवारिक तनाव की बात सामने आ रही है।
पिता के अनुसार, आरोपी बेटा बीते कई वर्षों से गंभीर मानसिक बीमारी से जूझ रहा था और उसमें एक बड़ा बदलाव यह आया था कि वह मानसिक रूप से खुद को लड़की समझने लगा था। परिजनों ने उसका इलाज लखनऊ के प्रसिद्ध केजीएमयू (KGMU) और नूर मंजिल सहित कई मानसिक रोग विशेषज्ञों के पास कराया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद समय के साथ उसके व्यवहार में आक्रामकता बढ़ती ही जा रही थी।
4 महीने से अलग किराए के मकान में रह रहा था नाबालिग
परिवार में लगातार बढ़ते तनाव और बेटे के अनियंत्रित व्यवहार को देखते हुए करीब 4 महीने पहले उसे घर से थोड़ी दूरी पर एक अलग किराए का कमरा दिलवाया गया था। उसके रहने और इलाज का पूरा खर्च पिता ही उठा रहे थे।
अलग रहने के बावजूद नाबालिग अक्सर अपनी मां से मिलने की जिद करता था। गुरुवार (1 अक्टूबर) को भी मां से मिलने की जिद पर उसे विजन अपार्टमेंट स्थित घर लाया गया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि मां से यह मुलाकात अंतिम साबित होगी।
मामूली कहासुनी के बाद लोहे की रेंज से किया वार, मौके पर मौत
घर पहुंचने के कुछ ही देर बाद किसी बात को लेकर मां और बेटे के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि नाबालिग ने अपना आपा खो दिया। उसने घर में रखी लोहे की भारी रेंज उठाकर मां के सिर पर हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने और अत्यधिक खून बह जाने के कारण 42 वर्षीया महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
हत्या के बाद खुद पुलिस को फोन कर बोला- “मैंने मां को मार दिया”
वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद नाबालिग ने घबराने के बजाय खुद अपने मोबाइल से पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल किया। उसने पुलिस से कहा, “मैंने अपनी मां की हत्या कर दी है, आ जाइए।”
सूचना मिलते ही नाका थाना पुलिस टीम और उच्चाधिकारी तत्काल विजन अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 202 पहुंचे। पुलिस ने मौके से खून से लथपथ शव को कब्जे में लिया और पास में खड़े नाबालिग को हिरासत (संरक्षण) में ले लिया।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, बाल मित्र पुलिसिंग के तहत पूछताछ जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक विशेषज्ञों (Field Unit) ने मौके से खून के नमूने, फिंगरप्रिंट्स और आला-ए-कत्ल (लोहे की रेंज) को जब्त कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। नाका थाना पुलिस का कहना है कि आरोपी नाबालिग से उसकी मानसिक स्थिति, इलाज के पर्चों और घटना के कारणों को लेकर बाल मित्र पुलिसिंग के नियमों के तहत पूछताछ की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।















