नई दिल्ली: स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की प्रक्रिया पर मचे सियासी घमासान के बीच भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। चुनाव आयोग ने देश के 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में छूटे हुए वोटरों, पहली बार मतदान करने वाले युवाओं और पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए एक महीने का विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं।
इस संबंध में आयोग ने सभी संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को कड़े दिशा-निर्देश भेजे हैं। नए नियमों के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) SIR की प्रक्रिया से पहले वाली पुरानी वोटर लिस्ट का मिलान मौजूदा वोटर लिस्ट से करेंगे ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन वैध मतदाताओं के नाम गलती या प्रक्रिया के दौरान हट गए हैं।
घर-घर जाएंगे BLO, हर हफ्ते 20 से 25 परिवारों को करेंगे कवर
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नए प्रोटोकॉल के अनुसार, इस पूरे अभियान की समयसीमा और कार्यप्रणाली तय कर दी गई है:
-
घर-घर सत्यापन: BLO उन वोटरों के घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करेंगे जिनके नाम पुरानी लिस्ट में थे लेकिन नई सूची में गायब हैं।
-
फॉर्म-6 भरवाना: जांच में पात्र पाए जाने पर BLO मौके पर ही नागरिक से फॉर्म-6 (Form-6) भरवाकर उनका नाम फिर से रजिस्टर करेंगे।
-
साप्ताहिक लक्ष्य: प्रत्येक BLO को हर हफ्ते कम से कम 20 से 25 छूटे हुए मतदाताओं को कवर करने का निर्देश दिया गया है, जिससे यह अभियान लगभग एक महीने के भीतर पूरा किया जा सके।
चुनाव आयोग के निर्देशों की मुख्य बातें: पॉइंटवाइज समझें
-
पुरानी और नई लिस्ट का मिलान: BLO मौजूदा वोटर लिस्ट की तुलना SIR से पहले की सूची से करेंगे और ऐसे नामों की एक पृथक लिस्ट तैयार करेंगे जो फाइनल पब्लिकेशन में हट गए हैं।
-
पॉलिटिकल पार्टियों के साथ पारदर्शिता: BLO द्वारा तैयार की गई यह लिस्ट मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLA) के साथ साझा की जाएगी, जिससे किसी भी पक्षपात की गुंजाइश न रहे।
-
ERO को रिपोर्ट सौंपना: भरे हुए फॉर्म-6 और अपनी फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट BLO सीधे इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) को सौंपेंगे। ‘जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950’ के तहत ERO ही नाम जोड़ने पर अंतिम निर्णय लेंगे।
-
विशेष बूथ और कैंप का आयोजन: बेघर, लेबर कॉलोनी, नाइट शेल्टर में रहने वाले वंचित तबके और शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों के लिए विशेष एनरोलमेंट कैंप आयोजित किए जाएंगे।
-
SVEEP और मीडिया से जागरूकता: मुख्य निर्वाचन अधिकारी, DEO और ERO स्थानीय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों और प्रेस ब्रीफिंग के जरिए नागरिकों को अपना नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित करेंगे।















