Asian Games 2026: अंकुश पंघाल और सुजीत कलकल ने जीता गोल्ड, बॉक्सिंग में लवलीना-परवीन भी चैंपियन

  • 2 अक्टूबर को भारत ने कुश्ती, बॉक्सिंग और आर्चरी में पांच स्वर्ण पदक जीते। अंकुश पंघाल, सुजीत कलकल, लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा ने फाइनल जीतकर देश को गोल्ड दिलाया, जबकि महिला रिकर्व टीम ने भी इतिहास रचा।

एशियन गेम्स 2026। जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स में 2 अक्टूबर का दिन भारत के लिए बेहद खास रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने कुश्ती, बॉक्सिंग और आर्चरी में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन में पांच गोल्ड मेडल अपने नाम किए। इनमें तीन स्वर्ण पदक बॉक्सिंग से, एक कुश्ती और एक आर्चरी से आया।

भारत के लिए दिन का सबसे बड़ा आकर्षण बॉक्सिंग में रहा, जहां लवलीना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल ने अपने-अपने फाइनल मुकाबले जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किए। वहीं कुश्ती में सुजीत कलकल ने शानदार वापसी करते हुए गोल्ड जीता। महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर इस इवेंट में भारत के लिए पहला एशियन गेम्स गोल्ड भी हासिल किया।

बॉक्सिंग में भारत की गोल्डन हैट्रिक

बॉक्सिंग में भारत ने एक ही दिन में तीन स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। सबसे पहले महिलाओं की 75 किग्रा कैटेगरी में लवलीना बोरगोहेन ने चीन की बाओ जियाई को हराकर गोल्ड मेडल जीता। लवलीना ने अपने जन्मदिन के दिन यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने मुकाबला 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से जीता।

इसके बाद महिलाओं की 65 किग्रा कैटेगरी में परवीन हुड्डा ने चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को 3-2 के करीबी फैसले से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुकाबले में दोनों मुक्केबाजों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन परवीन ने महत्वपूर्ण मौकों पर बढ़त बनाए रखी।

इसके बाद पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में अंकुश पंघाल ने दक्षिण कोरिया के किम मिनसियोंग को हराकर भारत को बॉक्सिंग का तीसरा गोल्ड दिलाया। अंकुश ने 4-0 के फैसले से मुकाबला अपने नाम किया। इस जीत के साथ वह एशियन गेम्स में पुरुष बॉक्सिंग का गोल्ड जीतने वाले भारत के पहले मुक्केबाज बने, जिन्होंने 2018 में अमित पंघाल के बाद यह उपलब्धि हासिल की।

सुजीत कलकल की शानदार वापसी, 10-9 से जीता फाइनल

कुश्ती के पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में सुजीत कलकल ने ताजिकिस्तान के अब्दुलमाझिद कुदिएव को 10-9 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। मुकाबले में सुजीत एक समय 4-9 से पीछे थे, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए लगातार अंक जुटाए और मुकाबला अपने नाम कर लिया।

यह एशियन गेम्स में भारत का इस वर्ग में तीसरा पुरुष स्वर्ण पदक है। इससे पहले योगेश्वर दत्त और बजरंग पूनिया भी 65 किग्रा वर्ग में भारत के लिए गोल्ड जीत चुके हैं।

महिला रिकर्व टीम ने रचा इतिहास

आर्चरी में अंकिता भकत, कुमकुम और कीर्ति शर्मा की भारतीय महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को फाइनल में 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह एशियन गेम्स के महिला रिकर्व टीम इवेंट में भारत का पहला गोल्ड मेडल है।

वहीं रिकर्व मिक्स्ड टीम में कुमकुम और धीरज बोम्मदेवरा की जोड़ी को रजत पदक मिला।

महिला हॉकी टीम पर भी नजर

2 अक्टूबर को भारतीय महिला हॉकी टीम का फाइनल मुकाबला चीन के खिलाफ निर्धारित था। इस मुकाबले में भारत के पास एशियन गेम्स में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक जीतने का मौका है। साथ ही मैच का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि टूर्नामेंट का हॉकी गोल्ड मेडल लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन से जुड़ा है।

भारत की पदक तालिका में बढ़त

2 अक्टूबर के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत की पदक संख्या में बड़ा इजाफा हुआ। पांच गोल्ड मिलने के साथ भारत 15 स्वर्ण पदकों तक पहुंच गया और कुल पदकों की संख्या 75 हो गई। दिन के प्रदर्शन के बाद भारत पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गया था।

इस तरह 2 अक्टूबर भारतीय दल के लिए एशियन गेम्स 2026 के सबसे सफल दिनों में शामिल हो गया, जहां बॉक्सिंग की गोल्डन हैट्रिक, सुजीत कलकल की शानदार वापसी और महिला रिकर्व टीम के ऐतिहासिक स्वर्ण ने भारत के अभियान को खास बना दिया।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha