
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए खौफनाक हमले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, सह-पायलट का बेहद खौफनाक और चौंकाने वाला अतीत बेनकाब होता जा रहा है। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट में आरोपी ओमानी को-पायलट की पहचान हमाम अलहमामी के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह अलकायदा की चरमपंथी विचारधारा से गहराई से प्रभावित था और उसका सीरिया प्रवास के दौरान कट्टरपंथी नेटवर्क से सीधा संपर्क स्थापित हुआ था।
सीरिया प्रवास और अलकायदा कनेक्शन की खौफनाक दास्तान जांच रिपोर्टों के अनुसार हमाम अलहमामी ने ओमान से बाहर लंबा वक्त गुजारा था, जिसमें सीरिया में बिताया गया समय सबसे अहम माना जा रहा है। इसी प्रवास के दौरान वह कई कट्टरपंथी धार्मिक तत्वों के संपर्क में आया, जिससे उसकी वैचारिक कट्टरता और मजबूत होती चली गई। जांच एजेंसियां अब इस बात की कड़ाई से पड़ताल कर रही हैं कि सीरिया में बने इन संपर्कों ने क्या उसे किसी बड़े आतंकी षड्यंत्र का हिस्सा बनाया था।
ओमान में बैन, फिर भी फ्लाईदुबई के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा हमलावर सह-पायलट के पुराने विमानन रिकॉर्ड ने अंतरराष्ट्रीय उड्डयन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक 2024 में ही ओमान एयर ने उसकी संदिग्ध गतिविधियों और कट्टरपंथी इस्लामी वेबसाइटें देखने के चलते उसे ग्राउंड कर दिया था। ओमान में उड़ान भरने से रोके जाने और ट्रेनिंग से हटाए जाने के बावजूद वह यूएई पहुंचा और फ्लाईदुबई में नियुक्ति पाने में कामयाब रहा। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि इतना गंभीर रिकॉर्ड होने के बावजूद बैकग्राउंड वेरिफिकेशन में यह चूक कैसे हुई।
30 सितंबर की वो खौफनाक रात: कॉकपिट में मौत का खेल और 14 हजार फीट की गिरावट 30 सितंबर को जब फ्लाइट एफजेड1073 हवा में थी, तब हमाम अलहमामी ने कॉकपिट के भीतर अचानक कैप्टन स्मित मच्छार पर कातिलाना हमला कर दिया। हमले के बाद नियंत्रण खोने से विमान अचानक 14 हजार फीट नीचे आ गिरा, जिससे 174 यात्रियों की सांसें अटक गईं। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने अदम्य साहस दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों और केबिन क्रू ने कॉकपिट में घुसकर हमलावर को दबोच लिया, जबकि विमान में सवार दो अन्य पायलटों ने कमान संभालकर सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई।
इस्राइल में विमान को क्रैश कराने की थी साज़िश, पूछताछ में हुआ खुलासा जांच में सबसे सनसनीखेज दावा यह सामने आया है कि सह-पायलट का असली मकसद विमान पर कब्जा करके उसे इस्राइल में किसी बड़े ठिकाने पर क्रैश कराना था। पूछताछ के दौरान उसने खुद विमान को इस्राइल में गिराने की योजना की बात कबूल की है। इसके अलावा उसके सामान से फलस्तीन समर्थक और इस्राइल विरोधी सामग्री भी बरामद हुई है, जो उसके वैचारिक मकसदों की पुष्टि करती है।
कैप्टन स्मित मच्छार का शौर्य: पीएम मोदी और नेतन्याहू ने जताया आभार लहुलूहान होने के बावजूद जिस तरह कैप्टन स्मित मच्छार ने सूझबूझ का परिचय दिया, उसने 174 मासूम जिंदगियों को बचा लिया। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल में भर्ती कैप्टन मच्छार से फोन पर बात कर उनके साहस की सराहना की, वहीं इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उनके इस ऐतिहासिक शौर्य की जमकर तारीफ की है। फिलहाल आरोपी को सऊदी अरब से यूएई प्रत्यर्पित कर दिया गया है, जहां उसके खिलाफ आतंकवाद विरोधी धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी है।















