
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली, मुंबई और पटना समेत देश के कई बड़े शहरों में शुक्रवार (2 अक्टूबर) को हुए भारी विरोध-प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर बिना पूर्व अनुमति के विरोध-प्रदर्शन करने और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ तीन अलग-अलग प्राथमिकियां (FIR) दर्ज की हैं। इनमें से दो एफआईआर संसद मार्ग थाने में और एक कनॉट प्लेस (CP) थाने में दर्ज की गई है।
BNS की धारा 223, 221 और 132 के तहत मामले दर्ज; जानिए किन नियमों का हुआ उल्लंघन
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा (धारा 144 के समकक्ष) का उल्लंघन करने के चलते की गई है। दर्ज प्राथमिकियों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 (लोक सेवक के आदेश की अवहेलना), धारा 221 (लोक सेवक के काम में बाधा डालना), धारा 132 और धारा 3(5) (साझा इरादे से किया गया अपराध) शामिल हैं। हालांकि एफआईआर के नामजद कॉलम में किसी विशेष व्यक्ति या संगठन का नाम नहीं है, लेकिन विवरण में आयोजकों और हिस्सा लेने वाले प्रमुख समूहों का उल्लेख किया गया है। BNS की धारा 223 के तहत अपराध सिद्ध होने पर 6 महीने तक की जेल या 2,500 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
जंतर-मंतर बना पुलिस छावनी, 1,000 से अधिक प्रदर्शनकारी हिरासत में
शुक्रवार को छात्र संगठनों, नागरिक समूहों और इंडिया (INDIA) गठबंधन के घटक दलों द्वारा इस विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित धांधली और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए जंतर-मंतर पर जाने वाले तमाम रास्तों को सील कर दिया था। भारी बैरिकेडिंग और पुलिस बल की मौजूदगी के बीच प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक सौरभ भारद्वाज सहित 1,000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं और नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
‘करो या मरो की लड़ाई’, कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल का केंद्र और EC पर तीखा प्रहार
पुलिसिया कार्रवाई और नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के सभी नेता लोकतंत्र की रक्षा के लिए गिरफ्तारियां देने को तैयार हैं। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह चुनाव आयोग का ढाल की तरह इस्तेमाल करके आम नागरिकों का वोट छीनने का काम कर रहे हैं। यह देश के लोकतंत्र और जनता के मताधिकार को बचाने के लिए करो या मरो की लड़ाई है और विपक्ष इस तानाशाही को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।” फिलहाल दिल्ली पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।














