यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनियों में शामिल अरामको की एक अहम सुविधा को निशाना बनाने का दावा किया है। हूतियों का कहना है कि उन्होंने इस हमले में घातक बैलिस्टिक मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन का इस्तेमाल किया है। यमन की राजधानी सना और आसपास के प्रांतों पर सऊदी अरब द्वारा किए गए हालिया हवाई हमलों के जवाब में यह सैन्य कार्रवाई की गई है।
रियाद में दिखा आग और धुएं का गुबार, इलाके में हड़कंप
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रियाद में अरामको की इस फैसिलिटी के आसपास से धुएं का बड़ा गुबार और भीषण आग की लपटें उठती हुई देखी गईं। चश्मदीदों के मुताबिक हमले के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, सऊदी अरब के सैन्य या प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से इस हमले को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, अरामको कंपनी ने भी इस बाबत भेजे गए प्रतिक्रिया अनुरोधों पर तुरंत कोई जवाब नहीं दिया है।
दोनों देशों के बीच गहराया सैन्य तनाव, ऊर्जा ठिकाने निशाने पर
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। हूतियों ने सऊदी अरब के प्रमुख शहरों और उसके सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए अपने हमले तेज कर दिए हैं। इससे पहले पिछले सप्ताह भी हूतियों ने दावा किया था कि उन्होंने यानबू शहर में स्थित अरामको के ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से भीषण बमबारी की थी।
हूती दावों के बीच सऊदी का मिसाइल डिफेंस सिस्टम अलर्ट
पिछले हफ्ते हुए हमलों के दौरान सऊदी अरब की सेना ने जानकारी दी थी कि उसने तायफ और यानबू क्षेत्र की ओर दागी गई छह हूती बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया था। उस समय सऊदी अधिकारियों ने अरामको के किसी भी ठिकाने को बड़ा नुकसान पहुंचने की बात से इनकार किया था। लेकिन रियाद में हुए इस ताजा मिसाइल और ड्रोन हमले ने एक बार फिर पूरे मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में सुरक्षा चिंताओं और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में हलचल बढ़ा दी है।
















