उत्तराखंड में मतदाता सूची का पुनरीक्षण पूरा: 12.70 लाख से ज्यादा कटे नाम, अंतिम वोटर लिस्ट में दर्ज हुए 71.58 लाख मतदाता

उत्तराखंड में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने राज्य की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य में कुल 71,58,949 सामान्य मतदाता दर्ज किए गए हैं। इस बड़े अभियान की शुरुआत 8 जून 2026 को हुई थी, जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट लिस्ट प्रकाशित कर दावे और आपत्तियां मांगी गई थीं। दावों-आपत्तियों के निपटारे के बाद 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम रोल जारी हुआ, जिसने चुनाव आयोग की स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।

2025 की तुलना में 15% घटे वोटर, 12.70 लाख नाम हुए बाहर

जनवरी 2025 में प्रकाशित मतदाता सूची में कुल 84,29,459 सामान्य मतदाता (43.64 लाख पुरुष, 40.64 लाख महिलाएं और 304 थर्ड जेंडर) दर्ज थे। SIR-2026 प्रक्रिया के बाद यह आंकड़ा सिमटकर 71,58,949 रह गया है। इस तरह तुलना करने पर राज्य में कुल 12,70,510 मतदाताओं (लगभग 15.07 प्रतिशत) की भारी कमी आई है। विपक्षी दलों द्वारा आपत्तियों को लेकर किए गए कई विरोध प्रदर्शनों के बाद आई यह अंतिम सूची काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

ASD (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत) श्रेणी बनी कटौती की सबसे बड़ी वजह

समीक्षा के दौरान मतदाताओं की छंटनी का सबसे बड़ा कारण ASDD श्रेणी (Absent, Shifted, Dead & Duplicate) रहा। कुल 8,26,977 मतदाताओं (प्रारंभिक सूची का करीब 10.39%) को ASD सूची में डाला गया।

  • मैदानी चार जिलों का बड़ा प्रभाव: ऊधमसिंह नगर में 1.77 लाख, देहरादून में 1.86 लाख, हरिद्वार में 1.30 लाख और नैनीताल में 71 हजार से अधिक मतदाता ASD पाए गए।

  • पर्वतीय जिले भी पीछे नहीं: अल्मोड़ा (55,485), पौड़ी गढ़वाल (51,359), टिहरी गढ़वाल (43,625) और चमोली (23,436) में भी बड़ी संख्या में अनुपस्थित या स्थानांतरित मतदाता मिले।

ड्राफ्ट के बाद 25 हजार नाम जुड़े, पर नहीं पूरी हुई बड़ी खाई

ड्राफ्ट सूची के 71,33,785 के मुकाबले अंतिम सूची में 25,164 मतदाताओं की शुद्ध बढ़ोतरी जरूर दर्ज हुई है, लेकिन इससे शुरुआत में घटे 8 लाख से अधिक वोटों की भरपाई नहीं हो सकी।

  • Form-6 (नाम जोड़ने के आवेदन): कुल 1,46,511 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1,29,872 (88.64%) स्वीकार कर पात्र मतदाताओं को जोड़ा गया, जबकि 16,639 खारिज कर दिए गए।

  • Form-7 (नाम हटाने के आवेदन): दर्ज 1,93,890 मामलों में से 97,186 मतदाताओं को ‘अंतिम सूची के लिए अयोग्य’ चिन्हित किया गया, जबकि 96,704 आपत्तियों में से 89,182 आपत्तियों को खारिज कर दिया गया।

मैदानी जिलों में सबसे ज्यादा गिरे आंकड़े: देखें जिलावार स्थिति

2024 के लोकसभा चुनावों के समय दर्ज मतदाताओं से तुलना करें तो उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में वोटरों की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। केवल चार मैदानी जिलों में ही 8.23 लाख वोट घटे हैं:

  1. ऊधमसिंह नगर: 14.02 लाख (2024) से घटकर 11.47 लाख रह गए (गिरावट: 2,55,543 वोटर)

  2. देहरादून: 14.36 लाख से घटकर 11.94 लाख (गिरावट: 2,41,565 वोटर)

  3. हरिद्वार: 14.49 लाख से घटकर 12.45 लाख (गिरावट: 2,04,030 वोटर)

  4. नैनीताल: 8.19 लाख से घटकर 6.97 लाख (गिरावट: 1,21,838 वोटर)

अंतिम मतदाता सूची में लिंगानुपात और आंकड़े

उत्तराखंड की नई और अंतिम वोटर लिस्ट का वर्गवार विवरण इस प्रकार है:

  • पुरुष मतदाता: 37,37,701 (ड्राफ्ट से +14,087 की बढ़ोतरी)

  • महिला मतदाता: 34,21,036 (ड्राफ्ट से +11,082 की बढ़ोतरी)

  • थर्ड जेंडर: 212 (ड्राफ्ट से 5 कम)

  • कुल मतदाता: 71,58,949

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