
छतरपुर/भोपाल। मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं, खासकर महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है। मंच से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में सनातन धर्म और पवित्र धार्मिक स्थलों की साख को ठेस पहुंचाने की साजिशें रची जा रही हैं। ऐसे में माताएं और बहनें बागेश्वर धाम अकेले यात्रा करने से बचें। यदि किसी कारणवश अकेले आना भी पड़े, तो किसी भी अनजान व्यक्ति या खुद को धाम का ‘सेवादार’ बताने वाले पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
धीरेंद्र शास्त्री ने खुलकर स्वीकार किया कि धाम परिसर में दूर-दराज से आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए लंबे समय तक ठहरने की पर्याप्त व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए लोग यहां अधिक दिनों तक रुकने से बचें और केवल मंदिर परिसर तथा निर्धारित स्थलों के भीतर ही रहें। उन्होंने कहा, “धाम प्रबंधन मंदिर प्रांगण और मुख्य दरबार क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह संभाल सकता है, लेकिन लगभग पांच किलोमीटर के विस्तृत दायरे में फैले पूरे ग्रामीण व आसपास के क्षेत्र में हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाना संभव नहीं है।”
‘धामों को बदनाम करने की हो रही कोशिश, सतर्क रहना जरूरी’ देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों पर हाल के दिनों में सामने आए विवादों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पवित्र स्थलों की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बागेश्वर धाम की पवित्रता और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने श्रद्धालुओं को आगाह करते हुए कहा कि धाम के इतने बड़े क्षेत्र में हर कोने पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। यहां देश भर से हर तरह के लोग आते हैं, इसलिए श्रद्धालुओं को अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के प्रति स्वयं ही अत्यधिक सजग और जिम्मेदार रहना होगा। किसी के बहकावे में आकर परिसर से बाहर जाने की भूल कतई न करें।
बेटियों की सुरक्षा पर जताई गंभीर चिंता, संदेश वायरल करने की अपील महिलाओं और बेटियों के साथ समाज में हो रही घटनाओं पर चिंता जताते हुए पीठाधीश्वर ने कहा कि मौजूदा दौर महिलाओं के लिए काफी संवेदनशील है। बेटियों को घर के भीतर और बाहर—दोनों ही जगह सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
धीरेंद्र शास्त्री ने कथा स्थल पर मौजूद हजारों श्रद्धालुओं से विशेष आग्रह किया कि वे उनके इस सुरक्षा संदेश और चेतावनी को अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड करें तथा सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, ताकि भविष्य में बागेश्वर धाम आने वाले श्रद्धालु सुरक्षा नियमों के प्रति पहले से ही पूरी तरह जागरूक रहें।














