
सुल्तानपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य पालन कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद रविवार को सुल्तानपुर दौरे पर रहे। जिले के कूरेभार ब्लॉक अंतर्गत पटना सैदखानपुर गांव में आयोजित ‘संवैधानिक सुरक्षा अधिकार महासम्मेलन’ में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए डॉ. निषाद का पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने जोरदार स्वागत किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने विपक्षी दलों पर तीखे प्रहार किए, वहीं अपनी ही सरकार में अधिकार सम्मेलन करने के सवाल पर अनूठे अंदाज में प्रतिक्रिया दी।
‘बांटने वाले नेताओं को गांव के बाहर से ही लौटा दें’ जनसभा को संबोधित करते हुए डॉ. संजय निषाद ने आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर जनता और कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “गांवों में समाज को बांटने की नीयत से आने वाले नेताओं को भीतर न घुसने दें, उन्हें गांव के बाहर से ही वापस भेज दें। आगामी चुनावों में बहुत से लोग बरगलाने और भ्रम फैलाने का प्रयास करेंगे, लेकिन किसी के बहकावे में नहीं आना है। जो भी दल या नेता निषाद समाज के हित और हक की बात करेगा, हमारा समाज मजबूती से उसी के साथ खड़ा रहेगा।”
सपा, बसपा और कांग्रेस पर साधा निशाना विपक्ष पर हमला बोलते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हाथी (बसपा), साइकिल (सपा) और पंजा (कांग्रेस) निशान वाले कभी नहीं चाहते कि निषाद समाज की समस्याओं का स्थायी समाधान हो।
जब मीडियाकर्मियों ने सवाल किया कि खुद सत्ता में रहते हुए उन्हें अधिकार सम्मेलन करने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है, तो उन्होंने व्यवहारिक उदाहरण देते हुए कहा, “जब तक बच्चा रोता या चिल्लाता नहीं है, तब तक मां भी उसे दूध नहीं पिलाती। बच्चे के रोने से मां का वात्सल्य और जुड़ाव बढ़ जाता है। आवाज उठाने से मां और बच्चे के बीच का दर्द दुआ में बदल जाता है। सत्ता से अपना हक पाने के लिए बोलना और मांग रखना बेहद जरूरी है।”
“हमें पायल नहीं, पॉवर चाहिए”: दलालों और अफसरों पर तंज डॉ. संजय निषाद ने कहा कि पहले कुछ लोग दलालों के जरिए निषाद समाज को अपनी जेब में समझते थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हमारे समाज को अब किसी की दी हुई पायल नहीं, बल्कि अपना हक और पॉवर चाहिए।”
राज्य में कानून-व्यवस्था और नौकरशाही पर सवाल उठने पर उन्होंने स्वीकार किया कि शासन की मंशा के बावजूद कुछ प्रशासनिक अधिकारी ‘अंदर से कुछ और’ हैं, जिन पर नजर रखी जा रही है।
भाजपा गठबंधन, आरक्षण और सीटों की मांग पर रखी बात भाजपा के साथ गठबंधन के संदर्भ में निषाद पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की मौजूदा सरकार इतिहास में पहली ऐसी सरकार है जो निषाद समाज के आरक्षण के मुद्दे पर गंभीर पहल कर रही है। उन्होंने कहा, “जब 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भव्य राम मंदिर बन सकता है और 70 सालों बाद धारा 370 हट सकती है, तो निषाद समाज को भी न्याय मिलेगा। पिछले 7 सालों में बड़ा बदलाव आया है और अब शोषित-वंचित समाज सत्ता के साथ खड़ा है।”
आगामी चुनाव में सीटों के बंटवारे पर बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि निषाद पार्टी ने भाजपा से केवल वही सीटें मांगी हैं जहां गठबंधन पहले हार चुका है, ताकि उन सीटों को जीतकर एनडीए (NDA) के खाते में डाला जा सके।
कादीपुर हत्याकांड पर दिया त्वरित कार्रवाई का भरोसा सुलतानपुर के कादीपुर में हुए शिक्षक दंपति हत्याकांड का अब तक खुलासा न होने के सवाल पर डॉ. संजय निषाद ने पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और वे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं। जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।














