
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इसी सिलसिले में मंगलवार को विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ब्लॉक के नेता राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सड़कों पर उतरकर शक्ति प्रदर्शन करने जा रहे हैं। गठबंधन में शामिल प्रमुख दलों के सांसद और वरिष्ठ नेता संसद भवन से निर्वाचन आयोग (ECI) मुख्यालय तक करीब 3 किलोमीटर लंबा विरोध मार्च निकालेंगे। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
19 विपक्षी दल शामिल, राहुल-खरगे और अखिलेश संभालेंगे कमान
30 सितंबर को दिल्ली में हुई ‘इंडिया’ गठबंधन की उच्चस्तरीय बैठक के दौरान इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तय की गई थी। इस पदयात्रा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी समेत लगभग 19 विपक्षी दलों के शीर्ष प्रतिनिधि और सांसद हिस्सा लेंगे। हालांकि, इस विरोध प्रदर्शन से आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रमुक (DMK) ने दूरी बनाए रखी है। ‘आप’ नेतृत्व का कहना है कि वे इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई स्वतंत्र रूप से लड़ रहे हैं।
संसद के मकर द्वार से सुबह 11 बजे शुरू होगा मार्च, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विपक्ष के इस ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ का समय और कार्यक्रम पहले से तय कर दिया गया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, सभी विपक्षी सांसद सुबह 10:30 बजे संसद भवन के मकर द्वार पर एकत्रित होंगे। इसके बाद सुबह 11 बजे ECI मुख्यालय के लिए पैदल मार्च की शुरुआत की जाएगी। इस बड़े प्रदर्शन की घोषणा को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। संसद मार्ग, निर्वाचन सदन और जंतर-मंतर के आसपास के इलाकों में बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
CEC के इस्तीफे और वोट चोरी के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
विपक्षी दल लगातार मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाते रहे हैं। जंतर-मंतर पर वामपंथी दलों और कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन 2 अक्टूबर से ही जारी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मार्च पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने कहा कि मतदान में अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग को लेकर रणनीति तैयार की गई है। हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और राहुल गांधी की मौजूदगी में हुई प्रदेश अध्यक्षों और प्रभारियों की बैठक में इस आंदोलन को जमीनी स्तर तक ले जाने का फैसला लिया गया है।
25 नवंबर तक चलेगा ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ आंदोलन
कांग्रेस नेता के अनुसार, 8 अक्टूबर तक गठबंधन की घटक पार्टियां जिला स्तर पर पदयात्राएं और जनसभाएं आयोजित करेंगी। इसके बाद 10 अक्टूबर से 20 अक्टूबर के बीच ब्लॉक स्तर पर बैठकें की जाएंगी। आंदोलन के मुख्य चरण में 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक राज्य, जिला और ग्राम स्तर पर ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैलियां और चौपालें आयोजित होंगी। विपक्ष का मुख्य उद्देश्य उन करोड़ों नागरिकों की पहचान करना और उनका विवरण जुटाना है, जिनके नाम कथित तौर पर मतदाता सूची से गायब हैं।

















