दिल्ली पुलिस की नई मीडिया गाइडलाइंस: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कवरेज के नियम और विवाद की पूरी सच्चाई

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों की कवरेज के दौरान महिला पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार के गंभीर आरोपों के बीच दिल्ली पुलिस ने मीडियाकर्मियों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। 5 अक्टूबर को जारी इन नए निर्देशों में प्रदर्शन कवर करने वाले सभी पत्रकारों से अपनी पहचान स्पष्ट रखने, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और पुलिस कार्रवाई के दौरान उचित दूरी बनाए रखने की सख्त अपील की गई है।

जंतर-मंतर विवाद और महिला पत्रकारों के आरोप

यह गाइडलाइंस ऐसे संवेदनशील समय पर सामने आई हैं जब 3 अक्टूबर को हुए एक प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित तौर पर यौन दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले में एसीपी विवेक भगत पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन सभी शिकायतों की गहन जांच वर्तमान में क्राइम ब्रांच के अधीन चल रही है। इसी पृष्ठभूमि में दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि खबर और कहानी जितनी महत्वपूर्ण है, उसे सुरक्षित तरीके से हासिल करना भी उतना ही जरूरी है।

दिल्ली पुलिस की 4 अहम गाइडलाइंस

  • वैध पहचान पत्र रखना अनिवार्य: पुलिस ने प्रदर्शन कवर करने वाले सभी पत्रकारों से अपने संबंधित मीडिया संस्थान की ओर से जारी वैध आईडी कार्ड साथ रखने को कहा है। इसके साथ ही वैध पीआईबी या डीआईपी मान्यता कार्ड रखने की भी सलाह दी गई है, ताकि मैदान पर पहचान स्थापित करना आसान हो।

  • साफ नजर आना चाहिए आईडी कार्ड: केवल पहचान पत्र जेब में रखना काफी नहीं होगा। पुलिस ने निर्देश दिए हैं कि आईडी कार्ड को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए, जिससे भीड़ और पुलिस कार्रवाई के बीच मीडिया प्रतिनिधि की पहचान तुरंत हो सके।

  • पुलिस ऑपरेशन में बाधा न बने कवरेज: गाइडलाइंस में स्पष्ट किया गया है कि पत्रकारों की मौजूदगी या उनकी कवरेज की वजह से कानून-व्यवस्था संभाल रही पुलिस की कार्रवाई में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए।

  • तनाव बढ़ने पर रखें सुरक्षित दूरी: प्रदर्शन के दौरान यदि माहौल तनावपूर्ण होता है, तो पत्रकारों को सुरक्षित और उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

5 अक्टूबर का विवाद और नेम टैग पर सफाई

5 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस तैनाती को लेकर भी चर्चाएं गर्म रहीं, विशेषकर कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा नेम-प्लेट या नेम टैग न पहनने को लेकर सवाल उठे। नई दिल्ली जिले के डीसीपी सचिन शर्मा ने इन चर्चाओं को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मियों को नेम टैग न पहनने के लिए कोई निर्देश नहीं दिए गए थे। उन्होंने बताया कि भारी भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान ड्यूटी में तैनात कुछ कर्मियों के नेम टैग टूट गए होंगे, लेकिन सभी कर्मियों के लिए नेम टैग पहनना अनिवार्य है।

पीआईबी और डीआईपी कार्ड का क्या है मतलब?

इस पूरी गाइडलाइन में पीआईबी और डीआईपी कार्ड का जिक्र होने से कई सवाल खड़े हुए हैं। पीआईबी यानी प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो केंद्र सरकार की एजेंसी है जो पात्र पत्रकारों को सेंट्रल मीडिया एक्रिडिटेशन देती है। वहीं, डीआईपी यानी डायरेक्टरेट ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड पब्लिसिटी दिल्ली सरकार का विभाग है जो स्थानीय स्तर पर प्रेस कार्ड जारी करता है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य संवेदनशील जंतर-मंतर पर यह स्पष्ट करना है कि कौन पत्रकार है और कौन प्रदर्शनकारी, ताकि कानून-व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।

 

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