
रूस के दक्षिणी तट के पास काला सागर (Black Sea) में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक लाइबेरियाई झंडे वाले ऑयल टैंकर पर यूक्रेन के नेवल ड्रोन (Naval Drone) ने भीषण हमला कर दिया। हमले के तुरंत बाद टैंकर में आग की भयावह लपटें उठने लगीं और देखते ही देखते प्रसिद्ध रिसॉर्ट शहर सोची (Sochi) के आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। रूस के परिवहन मंत्रालय के अनुसार, राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि जहाज पर सवार सभी 23 क्रू मेंबर्स को सकुशल बचा लिया गया है और ये सभी भारतीय नागरिक हैं।
सोची के बीच बंद, लोगों को घरों में रहने और खिड़कियां बंद रखने की सलाह
हमले के बाद सोची तट से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में समुद्र के ऊपर आग का तांडव और धुआं साफ देखा जा सकता है। सिरियस फेडरल टेरिटरी के प्रमुख दिमित्री प्लिशकिन ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि एहतियात के तौर पर सिरियस और सोची के तटीय इलाकों व समुद्र तटों (Beaches) को जनता के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण एजेंसियां पानी व हवा के गुणवत्ता स्तर पर लगातार निगरानी रख रही हैं। प्रशासन ने आसपास के निवासियों को जहरीले धुएं से बचने के लिए घरों में ही रहने और खिड़कियां बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
ब्लैक सी में कमर्शियल शिप्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ा टकराव
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब रूस और यूक्रेन दोनों ही ब्लैक सी में व्यापारिक जहाजों और ऊर्जा केंद्रों (Energy Hubs) को निशाना बना रहे हैं। हाल के दिनों में रूस ने रोमानियाई तट के करीब यूक्रेन से अनाज ले जा रहे जहाजों को निशाना बनाया था, जिसके जवाब में यूक्रेन ने रूस के तेल नेटवर्क पर नेवल ड्रोन से पलटवार किया है। दक्षिणी रूस में तेल ठिकानों पर हुए इन हमलों से बड़े पैमाने पर तेल रिसाव (Oil Spill) और गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा हो रहा है।
पुतिन के 74वें जन्मदिन पर रूस का कीव पर भीषण हमला: 12 से ज्यादा धमाकों से कांपी राजधानी
दूसरी ओर, 7 अक्टूबर को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 74वें जन्मदिन के अवसर पर रूसी सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर मिसाइलों और ड्रोनों से ताबड़तोड़ हमले किए। देर रात करीब 3:15 बजे कीव के पोडिल, ओबोलॉन, शेवचेंकिव्स्की और डार्नित्स्की जिलों में 10 से 12 भीषण धमाके सुने गए। हमले में राजधानी के गोदामों, गैर-आवासीय भवनों और इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे कई इलाकों में आग लग गई। दोनों देशों के रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में यह युद्ध और विकराल रूप ले सकता है।

















