श्रावस्ती में बेसिक शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन: 775 शिक्षकों का वेतन रोका, ‘प्रशस्त एप’ पर ट्रेनिंग वीडियो न देखना पड़ा भारी

उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में बेसिक शिक्षा विभाग ने लापरवाही बरतने वाले 775 शिक्षकों पर कड़ा हंटर चलाया है। विभाग ने इन सभी शिक्षकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। यह सख्त कदम शिक्षकों द्वारा ‘प्रशस्त एप’ पर अनिवार्य प्रशिक्षण वीडियो न देखने के कारण उठाया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) आकांक्षा रावत ने विभागीय आदेशों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए यह कड़ा रुख अपनाया है।

बुधवार दोपहर 12 बजे तक की अंतिम चेतावनी, 10 वीडियो देखना अनिवार्य

बेसिक शिक्षा अधिकारी ने वेतन रोकने के साथ ही सभी लापरवाह शिक्षकों को अंतिम चेतावनी जारी की है। आदेश के मुताबिक, शिक्षकों को बुधवार दोपहर 12 बजे तक एप पर मौजूद सभी 10 ट्यूटोरियल वीडियो अनिवार्य रूप से देखने होंगे। यह प्रशिक्षण विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (Divyang Children) की स्क्रीनिंग और उनमें शुरुआती दिव्यांगता की पहचान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

NCERT और शिक्षा मंत्रालय का सख्त नियम

NCERT और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा तय किए गए दिशानिर्देशों के अनुसार, दिव्यांग बच्चों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी सामान्य शिक्षकों के लिए संवेदीकरण (Sensitization) और ट्यूटोरियल वीडियो पूरा करना अनिवार्य है। शिक्षकों को UDISE+ कोड और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के जरिए एप पर लॉगिन करके निर्धारित समय सीमा में यह टास्क पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

इकौना और हरिहरपुररानी ब्लॉक के सबसे ज्यादा शिक्षक प्रभावित

विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कार्रवाई की गाज जिले के सभी ब्लॉकों पर गिरी है:

  • इकौना: 167 शिक्षक

  • हरिहरपुररानी: 164 शिक्षक

  • गिलौला: 163 शिक्षक

  • जमुनहा: 161 शिक्षक

  • सिरसिया: 120 शिक्षक

बेसिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि दी गई समय सीमा के भीतर प्रशिक्षण पूरा न करने वाले शिक्षकों के खिलाफ अगली कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

 

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha