
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में गुरुवार को राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न नागरिक संगठनों ने शहर के फ्रीडम पार्क में एक विशाल प्रदर्शन का आह्वान किया है। ‘पीपल्स ट्रिब्यूनल’ (जन-अदालत) और अनोखे ‘चप्पल प्रोटेस्ट’ के जरिए इस आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है, जिसमें मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी, अभिनेता प्रकाश राज और सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके सीधे तौर पर शामिल हो रहे हैं।
देखें VIDEO
फ्रीडम पार्क में ‘पीपल्स ट्रिब्यूनल’ और महिलाओं के समर्थन में अनोखा प्रदर्शन
फ्रीडम पार्क में सुबह 10:30 बजे से शुरू हुए इस महाजुटान की अगुवाई सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका कर रहे हैं। कार्यक्रम के पहले चरण में उन नागरिकों की समस्याएं सुनी जा रही हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इसके बाद महिलाओं के अधिकारों और उनके समर्थन में एक अनूठा ‘चप्पल प्रदर्शन’ आयोजित किया जाएगा। पार्टी के को-फाउंडर आशुतोष रांका ने कहा कि गुरुवार का पूरा दिन वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और चुनाव आयोग की भूमिका के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के नाम रहेगा।
ध्रुव राठी और प्रकाश राज ने की जनता से फ्रीडम पार्क पहुंचने की अपील
सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर मुखर रहने वाले यूट्यूबर ध्रुव राठी ने एक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से बेंगलुरु और आगामी दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया है। वहीं, अभिनेता व एक्टिविस्ट प्रकाश राज ने सोशल मीडिया पर लोकतंत्र बचाने का आह्वान करते हुए लिखा कि SIR प्रक्रिया के कारण कई आम नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से गायब हो गए हैं, जिससे जनता सदमे में है। उन्होंने युवाओं, सिविल सोसाइटी और आम लोगों से एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें और 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद लगातार सुर्खियों में बनी सीजेपी और नागरिक संगठनों ने केंद्र व चुनाव आयोग के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:
-
SIR फैसले तुरंत रद्द हों: मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान जिन भी मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें तत्काल बहाल किया जाए।
-
पुरानी मतदाता सूची लागू हो: SIR प्रक्रिया लागू होने से पहले वाली मूल वोटर लिस्ट को ही मान्य माना जाए।
-
CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा: चुनावी प्रक्रिया में धांधली और निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त तुरंत इस्तीफा दें।
बेंगलुरु में इस बड़े प्रदर्शन के बाद आंदोलन का अगला पड़ाव देश की राजधानी दिल्ली होगी। अभिजीत दीपके 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर डेरा डालेंगे, जहां विपक्षी दलों के सहयोग से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को और तेज किया जाएगा।
















