
मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के मुलुंड ईस्ट स्थित टाटा कॉलोनी में गुरुवार को एक लेबर कैंप में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कैंप में मौजूद मजदूरों के बीच अफरा-तफरी मच गई। आग के दौरान 7 गैस सिलेंडर फटने की सूचना है, जिसके बाद इलाके में जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई दी।
जानकारी के मुताबिक, यह लेबर कैंप धारावी से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए बनाए गए एक प्रोजेक्ट परिसर में स्थित है। कैंप का निर्माण G+1 ढांचे में किया गया है। आग लगते ही कैंप में रहने वाले बड़ी संख्या में मजदूर अपनी जान बचाने के लिए बाहर निकल आए।
सिलेंडर फटने से बढ़ी दहशत
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग की वजह गैस सिलेंडर में विस्फोट होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की अभी जांच की जा रही है। जोनल DCP के मुताबिक, अब तक 7 गैस सिलेंडर फटने की जानकारी सामने आई है।
सिलेंडर फटने से हुए धमाकों के कारण आसपास के इलाके में भी दहशत का माहौल बन गया। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की करीब 15 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इसके अलावा एंबुलेंस, नवघर पुलिस और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे।
सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
फायर ब्रिगेड की टीमें आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, लेबर कैंप में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी व्यक्ति के घायल होने या मौत की सूचना नहीं है।
पुलिस ने भी मौके पर सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली है। आग पूरी तरह बुझाने के बाद कैंप में हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। साथ ही आग के कारणों की भी विस्तृत जांच की जाएगी।
पिछले महीने गोरेगांव में बस में लगी थी आग
मुंबई में आग लगने की यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब पिछले महीने गोरेगांव इलाके में भी एक टूरिस्ट बस में भीषण आग लग गई थी। यह घटना शाम करीब 6:15 बजे वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर गोरेगांव मेट्रो स्टेशन के नीचे हुई थी।
बताया गया था कि बस सिग्नल के पास खड़ी थी। तकनीकी खराबी के बाद ड्राइवर बस से नीचे उतर गया था। इसके कुछ देर बाद बस में धमाके के साथ आग फैल गई। देखते ही देखते बस से घना धुआं निकलने लगा, जो ऊपर स्थित मेट्रो स्टेशन तक पहुंच गया।
धुआं भरने के कारण मेट्रो यात्रियों में भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी। यात्रियों को स्टेशन से नीचे जाने के लिए कहा गया था। घटना की सूचना मिलने पर दमकल विभाग, पुलिस, 108 एंबुलेंस और मेट्रो अधिकारियों की टीमें मौके पर पहुंची थीं।
बस में लगी आग के कारण वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा था। हालांकि, दमकल कर्मियों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया था और उस घटना में भी किसी के हताहत होने की सूचना नहीं थी।
मुलुंड के लेबर कैंप में लगी ताजा आग के बाद अब प्रशासन की प्राथमिकता आग को पूरी तरह नियंत्रित करने और घटना के कारणों का पता लगाने की है। गैस सिलेंडर फटने की वजह से आग कितनी तेजी से फैली और कैंप में अग्नि सुरक्षा के क्या इंतजाम थे, इसकी जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आ सकेगी।














