
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का रुख लगातार आक्रामक बना हुआ है। ‘वोट चोरी’ और विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विपक्ष (INDIA गठबंधन) आज लगातार चौथे दिन सड़क पर उतरकर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने जा रहा है। रणनीति तय करने के लिए विपक्षी दलों के सांसदों की आज दोपहर 3 बजे संसद के संविधान सदन स्थित सेंट्रल हॉल में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।
विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांगा है। गठबंधन सूत्रों का कहना है कि यदि राष्ट्रपति से मिलने का समय नहीं मिलता है, तो आगे के कड़े कदमों के लिए “सभी विकल्प खुले हैं”।
मुख्य चुनाव आयुक्त की सुरक्षा Z+ से भी आगे बढ़ाई गई
बढ़ते सियासी तनाव और विपक्षी प्रदर्शनों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा में भारी बढ़ोतरी की गई है। पहले से प्राप्त ‘Z+’ श्रेणी की सुरक्षा घेरे में अब अतिरिक्त एनएसजी (NSG) कमांडो तैनात कर दिए गए हैं।
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। सूत्रों के मुताबिक, यदि राष्ट्रपति भवन से समय नहीं मिलता है तो प्रदर्शनकारी नेता सेवा तीर्थ, राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति आवास, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री अमित शाह के आवास की ओर रुख कर सकते हैं।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई: राहुल और प्रियंका पर FIR दर्ज
विपक्ष द्वारा किए जा रहे उग्र प्रदर्शनों के बाद दिल्ली पुलिस ने एक्शन लेते हुए तीन एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं।
-
एफआईआर में पुलिसकर्मियों से हाथापाई, सरकारी कार्य में बाधा डालने, धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार की धाराएं लगाई गई हैं।
-
इन मामलों में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का नाम भी शामिल है।
-
इससे पूर्व, राहुल गांधी को बुधवार को आकाशवाणी भवन के पास लगे बैरिकेड्स हटाने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया गया था।
भाजपा का पलटवार: “हार न पचा पाने के कारण संवैधानिक संस्थाओं पर हमला”
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्ष के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि जब विपक्ष तमिलनाडु या केरल में चुनाव जीतता है, तब उसे चुनाव आयोग पर कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन अपनी पराजय से हताश होकर वे संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करने लगते हैं।
नितिन नवीन ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अराजक मानसिकता से ग्रस्त हैं और अगर उनमें हिम्मत है तो उन्हें पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।


















