जंतर-मंतर पर आज सीजेपी के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में परिंदे को भी पर मारने की इजाजत नहीं: 5 किमी में अभेद्य किलेबंदी, 45 हजार जवान मुस्तैद, 250 ट्रेनें रद्द और स्कूल-कॉलेज बंद

नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के एसआईआर (SIR) मुद्दे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के शनिवार, 10 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले पूरी राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा का ऐसा अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया गया है, जिसकी मिसाल कम ही देखने को मिलती है। लुटियंस दिल्ली और जंतर-मंतर के आसपास करीब पांच किलोमीटर के व्यापक दायरे को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों को किसी भी कीमत पर आगे बढ़ने से रोकने के लिए चप्पे-चप्पे पर मजबूत बैरिकेडिंग और नाकाबंदी की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे शहर में 37 प्रमुख स्थानों पर सख्त नाकाबंदी की गई है। राजधानी में दिल्ली पुलिस के जवानों के अलावा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 221 कंपनियां तैनात की गई हैं। 8 से 12 अक्टूबर तक सुरक्षा की कमान संभालने के लिए करीब 23 हजार जवानों को मैदान में उतारा गया है। कुल मिलाकर लगभग 45 हजार सुरक्षाकर्मियों का कड़ा पहरा शहर पर है, जिनमें बड़ी संख्या में महिला सुरक्षाकर्मियों की भी विशेष तैनाती की गई है। इसके साथ ही हर पुलिस स्टेशन क्षेत्र को अलर्ट पर रखते हुए 15 अस्थायी डिटेंशन सेंटर भी तैयार किए गए हैं। एहतियात के तौर पर जंतर-मंतर के आसपास स्थित कनॉट प्लेस (सीपी) के सभी प्रमुख बाजारों, दुकानों, दफ्तरों और रेस्तराओं को कारोबारियों ने बंद रखने का फैसला किया है।

दिल्ली पुलिस ने इसलिए नहीं दी प्रदर्शन की अनुमति, मौलिक अधिकारों का दिया हवाला

सीजेपी की ओर से 10 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित करने की इजाजत मांगी गई थी, जिसे दिल्ली पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया। केंद्रीय गृह मंत्रालय और पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन का आवेदन नियमों के तहत नहीं था, क्योंकि वर्तमान दिशानिर्देशों के अनुसार जंतर-मंतर पर किसी भी कार्यक्रम के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन जमा करना अनिवार्य होता है।

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यद्यपि विरोध-प्रदर्शन नागरिकों का मौलिक अधिकार है, लेकिन यह अन्य आम नागरिकों और उस क्षेत्र के निवासियों के मौलिक अधिकारों की कीमत पर नहीं हो सकता। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पिछले अनुभवों के आधार पर ऐसे प्रदर्शनों से आम लोगों को भारी ट्रैफिक जाम, आवाजाही में असुविधा और सुरक्षा संबंधी गंभीर जोखिमों का सामना करना पड़ता है।

पुलिस की ताबड़तोड़ धरपकड़ शुरू, ड्रोन कैमरों से सीमाओं पर कड़ी नजर

शुक्रवार देर शाम से ही दिल्ली पुलिस ने संभावित उपद्रव को रोकने के लिए व्यापक अभियान चला दिया। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोगों को उकसाने और भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनके घरों में नजरबंद या हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर थाना क्षेत्र में डिटेंशन सेंटर इसीलिए बनाए गए हैं ताकि अनधिकृत रूप से जुटने वाले लोगों को तुरंत वहां भेजा जा सके।

दिल्ली की सभी सीमाओं पर ड्रोन कैमरों की मदद से आसमान से निगरानी रखी जा रही है। गौरतलब है कि जुलाई में हुए सीजेपी के पिछले आंदोलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में दो गंभीर कमियां उजागर हुई थीं। उनसे सबक लेते हुए दिल्ली पुलिस ने इस बार 10 अक्टूबर के लिए एक ‘फेल-प्रूफ’ यानी विफलता-रोधी विशेष रणनीति बनाई है, जिसके तहत प्रदर्शनकारियों को उनके अपने-अपने जिलों की सीमाओं में ही सीमित रखने की योजना बनाई गई है।

दिल्ली हाईकोर्ट का त्वरित सुनवाइ से इनकार, अब सोमवार को होगी सुनवाई

दूसरी ओर, इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने दिल्ली पुलिस द्वारा 1 अक्टूबर को प्रदर्शन की अनुमति रद्द करने के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन सांब्रे की पीठ ने इस याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया।

अदालत के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता संजय घोष ने याचिका का उल्लेख करते हुए तुरंत सुनवाई की मांग की थी, जिस पर न्यायमूर्ति ने टिप्पणी करते हुए कहा, “इसमें ऐसी क्या तात्कालिकता है? हम इस मामले पर सोमवार को सुनवाई करेंगे।” आईवाईसी ने दावा किया था कि उन्होंने 25 सितंबर को ही 100 से 150 लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए विधिवत अनुमति मांगी थी।

बंद रहे स्कूल और स्थगित हुईं कॉलेज परीक्षाएं, ऑनलाइन शिफ्ट हुई पढ़ाई

सुरक्षा प्रतिबंधों और मेट्रो सेवाओं में पाबंदियों के कारण दिल्ली के शिक्षण संस्थानों का सामान्य कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सरदार पटेल विद्यालय ने सुरक्षा के मद्देनजर कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के लिए शनिवार को कक्षाएं ऑनलाइन मोड पर संचालित करने का निर्णय लिया है। वहीं, रघुबीर सिंह जूनियर मॉडर्न स्कूल ने शनिवार को आयोजित होने वाली पेरेंट-टीचर मीटिंग (पीटीएम) को स्थगित कर दिया है।

इसके अलावा, भारतीय विद्या भवन के मेहता विद्यालय ने अपने वार्षिक खेल दिवस का अभ्यास और संवर्धन कक्षाएं रद्द कर दी हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों में भी असर देखने को मिला है; भारती विद्यापीठ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (पश्चिम विहार) और रोहिणी स्थित महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MAIT) दोनों ने शनिवार को प्रस्तावित अपनी सभी मध्यावधि (मिड-टर्म) परीक्षाएं स्थगित करने का आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया है।

250 ट्रेनें प्रभावित: 170 पैसेंजर ट्रेनें रद्द, 9 गाड़ियों के रूट गाजियाबाद तक ही सीमित

प्रदर्शन के कारण आम यात्रियों को सबसे बड़ा झटका रेलवे नेटवर्क पर लगा है। उत्तर रेलवे ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए 10 अक्टूबर को चलने वाली करीब 170 पैसेंजर ट्रेनों समेत कुल 250 ट्रेनों को निरस्त कर दिया है। इसके अलावा 9 प्रमुख ट्रेनों का परिचालन आंशिक रूप से सीमित करते हुए उन्हें दिल्ली या नई दिल्ली के बजाय गाजियाबाद स्टेशन तक ही चलाने का फैसला किया है।

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) हिमांशु शेखर उपाध्याय द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, इस आपातकालीन फैसले से दिल्ली, नई दिल्ली, गाजियाबाद, पलवल, पानीपत, रोहतक, रेवाड़ी, शामली, सहारनपुर, अलीगढ़, कुरुक्षेत्र और मथुरा रूट के लाखों दैनिक यात्री प्रभावित होंगे। गाजियाबाद-दिल्ली, दिल्ली-पानीपत, दिल्ली-सहारनपुर, दिल्ली-रेवाड़ी, दिल्ली-रोहतक, पलवल-नई दिल्ली और हरिद्वार-दिल्ली मार्ग की सभी प्रमुख सवारी गाड़ियां पूरी तरह ठप रहेंगी।

राजस्थान, एमपी और पंजाब से आने वाली ट्रेनें भी प्रभावित, राजधानी एक्सप्रेस का समय बदला

उत्तरी और पश्चिमी भारत के अन्य राज्यों से दिल्ली आने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें भी इस पाबंदी की चपेट में आई हैं। मध्य प्रदेश से आने वाली 20155 डॉ. आंबेडकर नगर-नई दिल्ली, 09309 इंदौर-हजरत निजामुद्दीन, 12415 इंदौर-नई दिल्ली और जबलपुर-निजामुद्दीन (22181, 12189, 12121) ट्रेनें पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं।

राजस्थान और हरियाणा रूट की 12964 उदयपुर सिटी-हजरत निजामुद्दीन, 15308 सिरसा-तिलक ब्रिज और 14738/14737 भिवानी-तिलक ब्रिज एक्सप्रेस भी निरस्त हैं। मुंबई से दिल्ली आने वाली दो सबसे प्रीमियम ट्रेनों—12951 मुंबई सेंट्रल-नई दिल्ली तेजस राजधानी एक्सप्रेस और 12953 मुंबई सेंट्रल-हजरत निजामुद्दीन अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस के प्रस्थान समय में 5 घंटे का पुनर्निर्धारण (री-शेड्यूल) किया गया है। रेलवे ने सभी यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले 139 हेल्पलाइन नंबर या नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम (NTES) ऐप पर ट्रेन की स्थिति की जांच अवश्य कर लें।

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