नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए देश की राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति न दिए जाने के बावजूद जंतर-मंतर पर जुटने की कोशिश कर रहे कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने मौके से हिरासत में ले लिया है। सुरक्षा एजेंसियों की सिफारिश पर दिल्ली मेट्रो के 57 प्रमुख स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट शुक्रवार से ही बंद कर दिए गए हैं, जो शनिवार शाम छह बजे तक प्रभावित रहेंगे।
दिल्ली पुलिस ने सीजेपी को प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के कारणों को स्पष्ट करते हुए कहा कि पार्टी की ओर से 10 अक्टूबर के कार्यक्रम के लिए 7 अक्टूबर को आवेदन दिया गया था। पुलिस के अनुसार, आवेदन निर्धारित समयसीमा के नियमों के अनुरूप नहीं था। इसके अतिरिक्त, पूर्व में आयोजित प्रदर्शनों के दौरान नियमों के कथित उल्लंघन को भी इस निर्णय का प्रमुख कारण बताया गया है। नई दिल्ली जिला क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि धारा 163 का उल्लंघन करने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आरएएफ का फ्लैग मार्च, ड्रोन और बॉडी कैमरों से निगरानी
प्रदर्शन के मद्देनजर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा चक्र को बेहद मजबूत कर दिया गया है। स्टेशन परिसर में दिल्ली पुलिस के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों की भारी तैनाती की गई है, जो लगातार फ्लैग मार्च कर रहे हैं। पूरे स्टेशन और सीमावर्ती क्षेत्रों की गतिविधियों पर ड्रोन कैमरों के माध्यम से आसमान से नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और अचूक बनाने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों की वर्दी पर विशेष बॉडी-वॉर्न कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे नाइट-विजन तकनीक से लैस हैं और अंधेरे में भी स्पष्ट रिकॉर्डिंग कर सकते हैं। ऑन-ड्यूटी जवानों का कहना है कि धक्का-मुक्की, हाथापाई या किसी भी अप्रिय स्थिति के दौरान पुलिस पर लगने वाले अनर्गल आरोपों से बचाव और घटना की निष्पक्ष जांच के लिए यह रिकॉर्डिंग बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
बीजेपी नेता दिलीप घोष का बयान: आम जनता की सुरक्षा के लिए सरकार ने किए कड़े इंतजाम
ट्रेनों के निरस्तीकरण, मेट्रो पाबंदियों और सुरक्षा इंतजामों के बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में शांति व्यवस्था भंग करने की किसी भी कोशिश से आम नागरिकों को परेशानी हो सकती है, इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पूर्व-उपाय के तौर पर ये व्यवस्थाएं की हैं।
दिलीप घोष ने कहा, “भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां हर किसी को विरोध प्रदर्शन के जरिए अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है। किसी को भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन से नहीं रोका गया है, लेकिन कानून-व्यवस्था को अपने हाथ में लेने या अराजकता फैलाने की कोशिशों को रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है।”



















