कौन हैं अजिंक्य शिंदे, जिन्हें अभिजीत दीपके ने सौंपी CJP की कमान? जानिए शिक्षा से लेकर आंदोलन तक की पूरी कहानी

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने के दौरान संगठन की कमान अजिंक्य शिंदे को सौंपने का मामला चर्चा में है। दीपके ने पहले से रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में शिंदे को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी और समर्थकों से उनका साथ देने की अपील की। इसके बाद अजिंक्य शिंदे का नाम चर्चा में आ गया है।

दीपके ने यह वीडियो शुक्रवार को रिकॉर्ड किया था। बताया गया कि उन्हें आशंका थी कि दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले उन्हें और संगठन के अन्य सदस्यों को हिरासत में लिया जा सकता है। CJP ने 10 अक्टूबर को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था।

ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि अजिंक्य शिंदे कौन हैं और संगठन में उनकी क्या भूमिका रही है?

कौन हैं अजिंक्य शिंदे?

अजिंक्य शिंदे 35 वर्ष के हैं और महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले हैं। उन्होंने रायगढ़ जिले के लोनरे स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई की है। CJP के साथ उनकी सक्रियता के चलते अब उन्हें संगठन के प्रमुख चेहरों में गिना जा रहा है।

सोशल मीडिया पर भी उनकी मौजूदगी रही है। फेसबुक पर ‘@AAPlaAjinkya’ नाम से एक पेज उपलब्ध है, जिस पर आम आदमी पार्टी के नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें दिखाई देती हैं। पेज पर पहले आम आदमी पार्टी से जुड़ी पोस्ट और पोस्टर भी साझा किए गए थे। हालांकि, फिलहाल वह आम आदमी पार्टी से जुड़े हैं या नहीं, इसकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। बताया गया है कि यह पेज 2024 से सक्रिय नहीं है और इसके करीब 4,500 फॉलोअर्स हैं।

मुंबई में प्रदर्शन का आयोजन कर चुके हैं शिंदे

अभिजीत दीपके ने इससे पहले अगस्त में अजिंक्य शिंदे को संगठन का इंचार्ज नियुक्त किया था। शिंदे ने मुंबई में हुए प्रदर्शन के आयोजन में भी भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, वह CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का नेतृत्व कर चुके हैं। इस अभियान का उद्देश्य देशभर के स्कूलों की स्थिति में सुधार करना बताया गया है।

दीपके ने अपने वीडियो संदेश में समर्थकों से अजिंक्य शिंदे का साथ देने की अपील की। इसके बाद शिंदे को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन के नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी गई।

CJP के तीन प्रमुख चेहरे हिरासत में

शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शन के लिए पहुंचे CJP के तीन प्रमुख चेहरों—अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका—को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। दीपके की गैरमौजूदगी में अजिंक्य शिंदे को प्रदर्शन की कमान सौंपे जाने से संगठन में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।

अजिंक्य शिंदे ने दोहराईं CJP की मांगें

अजिंक्य शिंदे ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग दोहराई है। इसके साथ ही उन्होंने वर्ष 2025 की मतदाता सूची को फ्रीज करने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित वर्ष 2023 के कानून को रद्द करने की मांग भी उठाई।

CJP का प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर केंद्रित है। संगठन की ओर से उठाए गए इन मुद्दों के बीच अजिंक्य शिंदे को नेतृत्व सौंपे जाने से वह दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए हैं।

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