नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रवेश करने और प्रदर्शन करने के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दो प्रमुख नेताओं—सौरव दास और आशुतोष रांका को कोर्ट ने 5 दिन की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया है. अधिकारियों के अनुसार, दोनों नेताओं को बुधवार को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश किया गया था, जहां से उन्हें हिरासत में भेजने का आदेश जारी हुआ.
वहीं, इस मामले में नामजद तीसरे नेता अजिंक्य शिंदे को राहत मिली है और उन्हें न्यायिक हिरासत में नहीं भेजा गया है. तीनों नेताओं पर बैरिकेड तोड़कर प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर उग्र नारेबाजी करने का आरोप है.
बैरिकेडिंग तोड़कर घुसने और बांड उल्लंघन का आरोप
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंगलवार तड़के CJP कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर के प्रतिबंधित इलाके में सुरक्षा घेरा तोड़कर प्रवेश किया था. जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों नेताओं को हिरासत में ले लिया था.
तीनों के खिलाफ अवैध अतिक्रमण, निषेधाज्ञा (धारा 144) का उल्लंघन, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भरे गए बेल बांड का उल्लंघन और सरकारी कर्मचारी के कार्य में बाधा डालने जैसी संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अधिकारियों ने खुलासा किया कि सौरव दास और आशुतोष रांका को शनिवार को भी दिल्ली में एक प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था. तब उन्होंने एक साल तक शांति बनाए रखने का बांड भरा था, लेकिन महज कुछ दिनों भीतर ही उन्होंने इस शर्त का उल्लंघन कर दिया.
कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह का दावा और पुलिस पर गंभीर आरोप
दूसरी ओर, CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने पुलिस की इस पूरी कार्रवाई को असंवैधानिक करार दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जानकारी साझा करते हुए आरोप लगाया कि तीनों नेताओं को तड़के 3 बजे एक निजी वैन में संसद मार्ग पुलिस स्टेशन लाया गया.
रत्ना सिंह का दावा है कि हिरासत के दौरान देर रात तक नेताओं को उनके वकीलों से भी मिलने की अनुमति नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सख्ती और गैर-कानूनी हरकतों के बावजूद कार्यकर्ताओं और नेताओं के हौसले पूरी तरह से बुलंद हैं.
जंतर-मंतर को हटाने पर क्यों बढ़ा विवाद?
गौरतलब है कि दिल्ली में यह पूरा बवाल वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) में कथित धांधली और विरोध प्रदर्शन के तय स्थलों को बदले जाने को लेकर खड़ा हुआ है. हाल ही में 11 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने आदेश जारी कर विरोध प्रदर्शनों के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी (CBD) मैदान को अधिकृत स्थल घोषित किया था और जंतर-मंतर को इस सूची से बाहर कर दिया था.
CJP ने पुलिस आयुक्त के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है. पार्टी का तर्क है कि देश के मुख्य राजनीतिक केंद्र जंतर-मंतर से विरोध प्रदर्शनों को दूर ले जाना जनता की लोकतांत्रिक आवाज और असहमति को दबाने की साजिश है. इस प्रशासनिक फैसले के बाद जंतर-मंतर पर हुआ यह हंगामा और नेताओं की जेल यात्रा अब बड़े राजनीतिक विवाद का रूप लेती नजर आ रही है.


















