मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर ग्वालियर से नवरात्रि के पावन पर्व पर एक बेहद झकझोर देने वाली और दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां शीतला माता मंदिर के रास्ते पर दर्शन के लिए जा रहे आस्थावान श्रद्धालुओं को धान से भरे एक अनियंत्रित ट्रक ने कुचल दिया, जिससे बड़ा हादसा हो गया। इस भीषण दुर्घटना में अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि करीब तीन दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसर गया है और हर तरफ चीख-पुकार मची हुई है।
बैरिकेड तोड़कर ढलान से नीचे गिरा बेकाबू ट्रक
ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) धर्मवीर सिंह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, छिनोर की तरफ से शीतला माता मंदिर की ओर आने वाले मार्ग पर एक तीखी ढलान है। इस सड़क पर सुरक्षा की दृष्टि से भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। रात के करीब 1:30 बजे धान से भरे एक ट्रक को रास्ते में रोकने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह चालक के नियंत्रण से बाहर हो गया। ट्रक ने रास्ते में लगाए गए पुलिस के मजबूत बैरिकेड्स को तोड़ दिया और अचानक तेज रफ्तार में ढलान से नीचे की तरफ आ गया। इसके बाद बेकाबू वाहन सीधे मंदिर की बाहरी दीवार और मुख्य गेट से जा टकराया। सड़क पर पैदल चल रहे और दर्शन के लिए कतारबद्ध श्रद्धालु इस भारी-भरकम ट्रक के नीचे दब गए, जिससे यह भयानक हादसा घटित हुआ।
अस्पताल में घायलों का इलाज जारी, दो पुलिसकर्मी भी चपेट में
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। फौरन राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए कुल 39 घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद 13 लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि 5 से 6 मरीजों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है जिन्हें गंभीर फ्रैक्चर और अंदरूनी चोटें आई हैं। अन्य मामूली रूप से घायल लोगों का इलाज तेजी से चल रहा है। सबसे दुखद बात यह है कि इस दर्दनाक हादसे की चपेट में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी आ गए, जो घटना के वक्त सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे थे। दोनों घायल पुलिसकर्मियों का भी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
जिला प्रशासन और कलेक्टर ने दिए तकनीकी जांच के आदेश
ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि रात करीब डेढ़ बजे ट्रक के बेकाबू होने की सूचना मिलते ही फौरन एंबुलेंस और अन्य प्रशासनिक वाहनों को मौके पर रवाना कर दिया गया था। घायलों की सही चिकित्सीय स्थिति का आकलन करने के लिए सीटी स्कैन और एक्स-रे जैसी जरूरी जांचें प्राथमिकता से कराई जा रही हैं ताकि उनके इलाज में कोई कोर-कसर न छूटे। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि नवरात्रि के इस विशेष अवसर पर सड़क पर पुलिस चेकपॉइंट और बैरियर पहले से तैनात थे, ऐसे में यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि प्रतिबंध के बावजूद धान से भरा ट्रक बैरिकेड तोड़कर मंदिर के प्रतिबंधित रास्ते तक आखिर कैसे पहुंच गया। इस पूरे मामले की गहनता से जांच करने के लिए आरटीओ (RTO) की तकनीकी टीम को मौके पर भेजा गया है। यह टीम इस बात का तकनीकी विश्लेषण करेगी कि वाहन में कोई यांत्रिक खराबी थी या ड्राइवर की लापरवाही के चलते ट्रक बाईं ओर मुड़ते वक्त पूरी तरह से अनियंत्रित हो गया। प्रशासन सुरक्षा में हुई इस चूक और हादसे के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहा है।


















