देशभर में इस समय शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व बेहद धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। चारों तरफ मां दुर्गा के जयकारों और भव्य पंडालों की रौनक है, लेकिन नवरात्रि की सप्तमी यानी शनिवार की रात देश के विभिन्न हिस्सों से आई दर्दनाक और हृदयविदारक खबरों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक ही रात में देश के अलग-अलग शहरों में हुए 6 बड़े हादसों में कुल 46 लोगों की जान चली गई, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं। कोलकाता, ग्वालियर, आसनसोल, हैदराबाद, बलरामपुर और नासिक में हुई इन त्रासदियों ने त्योहार की खुशियों को मातम में बदल दिया है। आइए जानते हैं इन सभी 6 बड़े हादसों का पूरा विवरण:
1. कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ (19 मौतें, 25 घायल)
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के उत्तर क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में सप्तमी की शाम एक बड़ा हादसा हो गया। बारिश शुरू होते ही पंडाल के बाहर इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक अत्यधिक दबाव के कारण आगे बढ़ गई। चूँकि परिसर में निजी सुरक्षा कर्मियों द्वारा सीटी बजाए जाने से लोगों में कन्फ्यूजन पैदा हुआ और धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे वहां भीषण भगदड़ मच गई। इस वीभत्स दुर्घटना में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हैं। पुलिस ने शनिवार रात आयोजकों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) के गठन के आदेश दिए हैं।
2. ग्वालियर शीतला माता मंदिर रोड ट्रक हादसा (15 मौतें, 40 घायल)
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर के पास एक भीषण दुर्घटना घटित हुई। चीनोर की तरफ से मंदिर की ओर आने वाली पहाड़ी घाटी से नीचे उतरते समय धान की बोरियों से लदा एक तेज रफ्तार ट्रक पूरी तरह अनियंत्रित हो गया। बेकाबू ट्रक बैरिकेड्स तोड़ता हुआ मंदिर के पास बनी दुकानों और सड़क किनारे खड़े दोपहिया वाहनों को कुचलता हुआ जा घुसा। इस भयानक हादसे में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो पुलिसकर्मियों और बच्चों समेत 40 से अधिक लोग घायल हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
3. आसनसोल पावर प्लांट चिमनी ढहने की घटना (4 मौतें)
पश्चिम बंगाल के आसनसोल के जमुड़िया इलाके में स्थित ‘श्याम एसईएल एंड पावर लिमिटेड’ के पावर प्लांट परिसर में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हुआ। यहां निर्माण कार्य के दौरान एक निर्माणाधीन ऊंची चिमनी का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे ढह गया। मलबे के नीचे दबने से चार गंभीर रूप से घायल मजदूरों को तुरंत बाहर निकाला गया। इनमें से तीन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि चौथे मजदूर को अस्पताल के वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सके।
4. हैदराबाद इंजीनियरिंग कॉलेज डांडिया नाइट हादसा (1 छात्रा की मौत, 14 घायल)
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के नादेरगुल स्थित एक प्रसिद्ध इंजीनियरिंग कॉलेज में ‘संगमम’ सांस्कृतिक उत्सव के तहत डांडिया कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उत्सव के दौरान अचानक चली तेज आंधी और हवा के झोंके से रोशनी के लिए लगाया गया एक विशालकाय लाइटिंग स्टैंड और आर्च सीधे नृत्य कर रही छात्राओं के ऊपर आ गिरा। इस दुर्घटना में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (EEE) की प्रथम वर्ष की छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 14 अन्य छात्र-छात्राएं घायल हो गए। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अन्य सभी घायलों की हालत अब खतरे से बाहर है।
5. बलरामपुर दुर्गा पंडाल सड़क हादसा (3 मौतें, 7 घायल)
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर देहात थाना क्षेत्र के चरनगहिया बेलहा गांव में दुर्गा पंडाल के पास सड़क किनारे एक अनूठा और दर्दनाक हादसा हुआ। यहां सड़क किनारे पर्दा लगाकर बड़ी संख्या में लोग वीडियो देख रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार अनियंत्रित वाहन ने वहां बैठे लोगों को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से इलाज के दौरान 3 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ड्राइवर को अपनी हिरासत में ले लिया है।
6. नासिक सड़क हादसा: ड्यूटी पर तैनात सब-इंस्पेक्टर की मौत (1 मौत, 11+ घायल)
महाराष्ट्र के नासिक जिले के नांदुरी इलाके में एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों और श्रद्धालुओं को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में ड्यूटी पर मुस्तैद सब-इंस्पेक्टर (SI) विजय गायकवाड़ की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 11 से अधिक पुलिसकर्मी और श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। मामूली घायलों का वणी ग्रामीण अस्पताल में उपचार चल रहा है, जबकि अत्यंत गंभीर रूप से जख्मी लोगों को बेहतर चिकित्सा के लिए नासिक रेफर किया गया है।
देशभर में हुए ये सभी हादसे इस बात की गंभीर चेतावनी देते हैं कि बड़े धार्मिक आयोजनों, मेलों और त्योहारों के दौरान भीड़ प्रबंधन, मजबूत और सुरक्षित बुनियादी ढांचे (Infrastructure) तथा यातायात सुरक्षा नियमों का पालन कितना जरूरी है।


















