इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर औपचारिक मशाल जलाएंगे पीएम मोदी
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की। इस द्विपक्षीय बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने पीएम नरेंद्र मोदी को इजराइल के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर एक अत्यंत प्रतिष्ठित और औपचारिक मशाल (Torch Lighting Ceremony) जलाने के लिए आमंत्रित किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए इजराइली पीएम ने दोनों देशों के बीच की प्रगाढ़ और अटूट दोस्ती पर विशेष जोर दिया। नेतन्याहू के अनुसार, इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ एक बहादुर भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार भी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपने मित्र पीएम मोदी को भारतीय पायलट के साथ मिलकर मशाल प्रज्ज्वलित करने का निमंत्रण दिया, तो भारत के प्रधानमंत्री ने इस सम्मानजनक आमंत्रण के लिए उनका सहृदय आभार व्यक्त किया।
आतंकवाद के खिलाफ दोनों देश एकजुट, जमीन से हवा तक साझा रणनीति
नेपाल से लेकर पश्चिम एशिया के वैश्विक परिदृश्य के बीच नेतन्याहू ने अपनी पोस्ट में इस बात को रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और इजराइल के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत और रणनीतिक संबंधों का जिक्र किया है। पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि भारत और इजराइल आतंकवाद जैसी वैश्विक चुनौती से निपटने के लिए जमीन और हवा—दोनों ही मोर्चों पर पूरी एकजुटता और समन्वय के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा, खुफिया तकनीक और सुरक्षा के मोर्चे पर यह साझेदारी भविष्य में और अधिक गहराई हासिल करेगी।
पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बहाल करने पर पीएम मोदी का जोर
दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए इजराइल के साथ द्विपक्षीय साझेदारी को और अधिक मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने साझा किया कि उन्हें इजराइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू का टेलीफोन आया था, जिसके दौरान दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों में बनी निरंतर गति की विस्तृत समीक्षा की। पीएम मोदी ने कहा, “हमने पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) के हालिया घटनाक्रमों और सुरक्षा परिस्थितियों पर गंभीर चर्चा की। इस बातचीत में हमने क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति, सुरक्षा और स्थिरता बहाल करने की तत्काल आवश्यकता पर विशेष जोर दिया है।”



















