SGPGI में खून का काला खेल? सुरक्षा गार्डों की सतर्कता से दबोचे गए 5 संदिग्ध, हिमांशु गैंग पर गहराया शक

लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) परिसर शनिवार शाम एक बड़े सनसनीखेज खुलासे का केंद्र बन गया। अस्पताल में इलाज कराने आने वाले बेबस मरीजों और उनके परिजनों को खून उपलब्ध कराने के नाम पर दलाली (ब्लड रैकेट) करने के संदेह में पांच युवकों को पकड़ा गया है। सुरक्षा कर्मियों की मुस्तैदी और मुआयने से पकड़े गए इन युवकों में गिरोह का कथित सरगना हिमांशु सिंह भी शामिल है। पुलिस फिलहाल सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है।

गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधियों से खुला राज

मामला शनिवार शाम का है, जब एसजीपीजीआई परिसर में तैनात सुरक्षा गार्ड अपनी दैनिक गश्त पर थे। इसी दौरान उन्हें अस्पताल परिसर के आसपास घूम रहे कुछ युवकों की चाल-ढाल और गतिविधियां काफी संदिग्ध लगीं। गार्डों ने जब सतर्कता दिखाते हुए उनसे वहां रुकने का कारण पूछा और पूछताछ शुरू की, तो युवक गोलमोल जवाब देने लगे। शक गहराने पर सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत पीजीआई पुलिस चौकी को सूचना दी।

इंजीनियरिंग छात्र भी शामिल, सरगना समेत 5 हिरासत में

सूचना मिलते ही चौकी इंचार्ज परवेज आलम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और सुरक्षा कर्मियों की मदद से पांचों युवकों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए युवकों की पहचान कथित मुख्य सरगना हिमांशु सिंह के अलावा पवन कुमार सिंह, भावेश सिंह, प्रदीप कुमार और अमन कुमार के रूप में हुई है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पकड़े गए संदिग्धों में दो युवक इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र बताए जा रहे हैं, जो इस संदिग्ध नेटवर्क का हिस्सा बनकर परिसर में घूम रहे थे।

मासूम तीमारदारों को शिकार बनाने की थी कोशिश

शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये युवक अस्पताल में दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों की मजबूरी का फायदा उठाने की कोशिश में थे। वे खून की जरूरत वाले परिवारों से संपर्क साध कर पैसों के बदले खून दिलाने का झांसा दे रहे थे। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि यह सिर्फ एक छिटपुट कोशिश थी या इसके पीछे एसजीपीजीआई में सक्रिय कोई बड़ा संगठित ब्लड डोनेशन रैकेट काम कर रहा है।

लिखित शिकायत का इंतजार, शांति भंग में कार्रवाई की तैयारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर फिलहाल अस्पताल प्रशासन या किसी पीड़ित तीमारदार की ओर से कोई लिखित शिकायत (तहरीर) प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि एहतियातन पांचों युवकों के खिलाफ शांति भंग की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जांच में जो भी नए तथ्य या लिखित शिकायत सामने आएगी, उसके आधार पर आगे का विधिक कदम उठाया जाएगा।

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