
– पापा के दिये सबूत बिल्कुल सही थे, होनी चाहिये सीबीआई जांच
कानपुर, सीओ देवेन्द्र मिश्रा समेत आठ पुलिस कर्मियों को मौत की नींद सुलाने वाला हिस्ट्रीशीटर विकास व उसके कई गुर्गे अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। वहीं दूसरी ओर प्रदेश की सबसे बड़ी घटना के विषय में हर व्यक्ति जानना चाहता है, पर पुलिस की ओर से वह चीजें निकलकर सामने नहीं आ रही जो जनता सुनना या जानना चाहती है। ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही चीजें काफी हद तक जनता की उम्मीदों पर खरा उतर रही हैं। ऐसा ही एक पत्र सोमवार को वायरल हो गया जो शहीद सीओ ने तत्कालीन एसएसपी को लिखा था। पत्र में चौबेपुर थानाध्यक्ष विनय तिवारी की करतूतों के साथ विकास दुबे के विषय में जानकारी दी थी। इस पर शहीद सीओ की बेटी ने सवाल खड़े कर दिया और कहा कि अगर पापा के पत्र पर समय से कार्रवाई हो गयी होती तो आज पिता का साया हमसे न छिनता। इसके साथ ही बेटी ने पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की।
सोमवार की सुबह सोशल मीडिया पर शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा का तत्कालीन एसएसपी अनंत देव को भेजा गया पत्र बड़ी तेजी से वायरल हुआ तो चौबेपुर एसओ विनय तिवारी की करतूतें सामने आ गईं। सीओ ने एसएसपी को एसओ की करतूतें बताने के साथ कुख्यात विकास दुबे के बारे में भी जानकारी दी थी। बताया जा रहा है कि यह पत्र सीओ ने बीते मार्च माह में लिखा था। वायरल पत्र पर शहीद सीओ की बेटी वैष्णवी ने कहा कि यह पत्र पापा ने ही लिखा था और उनको आभास था कि चौबेपुर एसओ हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के साथ कुछ अनहोनी कर सकता है।
उन्होंने इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की और कहा कि अगर पत्र पर उस समय कार्रवाई हो गयी होती तो आज हमारे पापा जिंदा होते। सीओ की बेटी ने यह भी कहा कि अब मैं मेडिकल में नहीं जाऊंगी और पुलिस में जाकर अपने पापा का बदला लूंगी। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे शहीद सीओ के पत्र के बारे में सवाल किए जाने पर आईजी मोहित अग्रवाल ने कहा कि पत्र के बारे में जानकारी मिली है। एसएसपी कार्यालय से फाइल तलब की गई है, प्रकरण की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।










