खेल-खेल में बड़ा हादसा: नाले में गिरने से मासूम की गई जान, परिवार में कोहराम

कानपुर । जाजमऊ थाना क्षेत्र अंतर्गत बैडमिंटन खेल रही तीन वर्षीय बच्ची 12 फीट गहरे नाले में जा गिरी। साथी बच्चों ने घटना की सूचना परिजनों को दी। आनन फानन में इलाकाई लोगों ने नाले में छलांग लगाकर बच्ची को बाहर निकाला और अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मूलरूप से लखनऊ के रहने वाले जकी अहमद अपनी पत्नी मुस्कुरा और चार बेटियों अलिबा, अलीशा, सानिया और अल्फिजा के साथ बुढ़िया घाट में रहकर चमड़ा फैक्ट्री में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। घर के पास ही 20 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान का पानी शोधित होकर गंगा में जाता है। इन सब में एक सबसे चौका देने वाली बात यह है कि करीब 30 मीटर लंबे और 12 फीट गहरे नाले में सुरक्षा की दृष्टि से कोई भी बाउंड्री वाल नहीं है।

इलाकाई लोगों ने बताया कि नाले के आसपास ही बच्चे खेला करते हैं आज भी सभी बच्चे खेल रहे थे कि तभी अचानक सानिया भी बैडमिंटन खेल रही थी। इसी दौरान उसका बैडमिंटन नाले में गिर गया। उसे निकालने के प्रयास में बच्ची आगे बढ़ी। तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और वह भी नाले में जा गिरी। मौके पर मौजूद बच्चों ने इस घटना की सूचना परिजनों के दी। मां की चीख पुकार सुनकर आस पड़ोस को लोग भी मौके पर पहुंचे। नाले में कूदकर बच्ची को बाहर निकाला फिर उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना पाकर एसीपी कैंट आकांक्षा पांडेय भी पहुंची। उन्होंने एसटीपी प्लांट का संचालन करने वाली जटेटा कंपनी के सचिव मोहम्मद नादिर को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिरकार इस नाले के आसपास बाउंड्री वॉल क्यों नहीं बनवाई गई है। उनके इस सवाल पर अधिकारी चुप्पी साधे रहे। वहीं उन्होंने इस गलती को जल्द से जल्द सुधारने के आदेश दिए हैं।

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