
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का पॉश इलाका हजरतगंज एक ऐसी वारदात से दहल उठा है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। एक कलयुगी बेटे ने अपने ही पिता की न केवल गोली मारकर हत्या कर दी, बल्कि साक्ष्य मिटाने के लिए शव के टुकड़ों को एसिड से गलाने की भी कोशिश की। मृतक मानवेन्द्र सिंह एक नामी पैथोलॉजी संचालक थे। पुलिस ने आरोपी बेटे अक्षय प्रताप सिंह उर्फ राजा को गिरफ्तार कर लिया है। घर के बेसमेंट से पिता के शव का आधा हिस्सा बरामद हुआ है।
‘बड़ा आदमी’ बनने का जुनून और पिता की डॉक्टर बनाने की जिद
मानवेन्द्र सिंह चाहते थे कि उनका बेटा अक्षय भी उन्हीं की तरह मेडिकल फील्ड में जाए और डॉक्टर बनकर उनकी पैथोलॉजी संभाले। अक्षय ने साल 2022 में शहर के एक प्रतिष्ठित मिशनरी स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की थी। हालांकि, अक्षय के सपने पिता की सोच से बिल्कुल अलग थे। वह डॉक्टर बनने के बजाय एक बड़ा बिजनेस टाइकून बनना चाहता था। इसी वैचारिक मतभेद ने घर के भीतर तनाव की ऐसी दीवार खड़ी कर दी, जिसका अंजाम खौफनाक रहा।
छह पन्नों का वह ‘सुसाइड नोट’ जैसा खत और भागने की कोशिश
हत्याकांड से कुछ दिन पहले अक्षय अपने पिता को घर में बंद कर भाग गया था। उसने एक दोस्त के जरिए संदेश भिजवाया कि वह घर छोड़कर जा रहा है और मेज पर छह पन्नों का एक पत्र रखा है। उस खत में अक्षय ने अपनी कुंठा व्यक्त करते हुए लिखा था कि, “सिर्फ पैथोलॉजी चलाकर कोई बड़ा आदमी नहीं बन सकता, मेरी बात नहीं मानी जा रही इसलिए मैं जा रहा हूँ, अब बड़ा आदमी बनकर ही लौटूंगा।” हालांकि, उसके पिता ने उसे रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया और समझा-बुझाकर घर वापस ले आए, लेकिन अक्षय के मन में नफरत की आग जलती रही।
पूरी प्लानिंग के साथ दिया वारदात को अंजाम: आरी, एसिड और रायफल
पुलिस पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे किसी डरावनी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसे हैं। अक्षय काफी समय से इस हत्याकांड की साजिश रच रहा था।
- 19 फरवरी: अक्षय बाजार से एक आरी खरीदकर लाया और उसे अपने बेड के नीचे छिपा दिया। साथ ही उसने भारी मात्रा में एसिड का भी इंतजाम किया।
- 20 फरवरी: अक्षय ने अपनी लाइसेंसी रायफल से पिता मानवेन्द्र सिंह को गोली मार दी।
- हैवानियत की हदें: हत्या के बाद उसने पिता के शव के टुकड़े करने शुरू किए। धड़ को एक चादर में लपेटकर बेसमेंट में रखे नीले ड्रम में डाल दिया, जबकि हाथ-पैर और बाकी हिस्सों को अलग करने की कोशिश की।
बहन के सामने पिता के शव को काटता रहा कातिल भाई
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब अक्षय अपने पिता के शरीर के टुकड़े कर रहा था, तब उसकी बहन ने उसे देख लिया था। आरोपी ने अपनी सगी बहन को जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया। मासूम बहन की नजरों के सामने वह पिता की लाश को खंडित करता रहा। पुलिस को घर की तलाशी के दौरान 20 लीटर एसिड बरामद हुआ है। आरोपी की योजना थी कि वह शव को एसिड में डालकर पूरी तरह गला देगा ताकि कोई सबूत न बचे।
ऐसे खुला खौफनाक राज, बदबू ने पहुंचाया सच तक
जब मानवेन्द्र सिंह कई दिनों तक दिखाई नहीं दिए, तो उनके मित्र सोनू गुप्ता और पड़ोसियों को शक हुआ। गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जब पुलिस और मृतक के दोस्त घर पहुंचे, तो वहां से असहनीय बदबू आ रही थी। कड़ाई से पूछताछ करने पर अक्षय टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने गद्दे के नीचे छिपाई गई रायफल और ड्रम में रखा गला हुआ शव बरामद कर लिया है।









