अलर्ट : क्यों बिना बताए खोखले हो रहे हैं आपके दांत? आयुर्वेद के इन 5 नुस्खों से बचाएं अपनी मुस्कान

हेल्थ डेस्क: क्या आपके दांत बाहर से बिल्कुल साफ और चमकदार दिखते हैं? अगर हां, तो भी आपको सावधान रहने की जरूरत है। डेंटिस्ट्स का मानना है कि दांतों की सड़न एक ‘साइलेंट’ प्रक्रिया है, जो बिना किसी शुरुआती लक्षण के धीरे-धीरे आपके मसूड़ों और दांतों को खोखला कर देती है। अक्सर लोगों को इसका पता तब चलता है जब ठंडा-गर्म लगने लगता है या दर्द असहनीय हो जाता है। तब तक संक्रमण काफी गहरा हो चुका होता है और इलाज मुश्किल हो जाता है।

क्यों बिना बताए खोखले हो रहे हैं आपके दांत?

विशेषज्ञों के अनुसार, दांतों में सड़न की प्रक्रिया इतनी धीमी होती है कि इसके लक्षण लंबे समय तक छिपे रहते हैं। जब तक आपको दांतों में छेद (कैविटी) या संवेदनशीलता महसूस होती है, तब तक बैक्टीरिया दांतों की ऊपरी परत (इनेमल) को पार कर चुके होते हैं। इसके मुख्य कारणों में अत्यधिक मीठा खाना, सही तरीके से कुल्ला न करना, लार की कमी और शरीर में विटामिन-डी व कैल्शियम की कमी शामिल है। सबसे घातक आदत रात को बिना ब्रश किए सो जाना है, जिससे मुंह में बैक्टीरिया को पनपने का पूरा समय मिल जाता है।

लौंग का तेल: एंटी-बैक्टीरियल गुणों का खजाना

आयुर्वेद में दांतों के दर्द और सड़न के लिए लौंग के तेल को सबसे रामबाण औषधि माना गया है। इसमें मौजूद ‘यूजेनॉल’ तत्व न केवल दर्द को तुरंत सोख लेता है, बल्कि बैक्टीरिया का भी सफाया करता है। रात को सोने से पहले रुई की मदद से प्रभावित दांत पर लौंग का तेल लगाने से संक्रमण आगे नहीं फैलता और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं।

नीम की दातुन और ऑयल पुलिंग का जादू

अगर आप टूथपेस्ट के साथ-साथ प्राकृतिक सफाई चाहते हैं, तो नीम की दातुन या नीम के पानी से कुल्ला करना शुरू करें। नीम में प्राकृतिक एंटी-सेप्टिक गुण होते हैं जो मुंह की गंदगी को जड़ से खत्म करते हैं। इसके अलावा, नारियल तेल से ‘ऑयल पुलिंग’ (मुंह में तेल घुमाना) एक प्राचीन और प्रभावी तकनीक है। मात्र 5 मिनट तक मुंह में तेल घुमाकर थूकने से दांतों का पीलापन दूर होता है और मुंह के कोने-कोने में छिपे टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं।

सरसों तेल और नमक: चमक और मजबूती का देसी फॉर्मूला

हफ्ते में दो से तीन बार सरसों के तेल में चुटकी भर नमक मिलाकर दांतों और मसूड़ों की हल्की मालिश करें। यह मिश्रण न केवल दांतों की पीली परत को हटाता है, बल्कि मसूड़ों में रक्त संचार को बेहतर कर उन्हें मजबूती देता है। यह बैक्टीरिया को नष्ट करने का सबसे सस्ता और असरदार घरेलू उपाय है।

आहार में बदलाव है जरूरी

सिर्फ बाहरी सफाई काफी नहीं है, दांतों को भीतर से मजबूत बनाना भी आवश्यक है। अपने भोजन में कैल्शियम और विटामिन-डी युक्त चीजें जैसे दूध, पनीर और हरी सब्जियां शामिल करें। मसूड़ों की सेहत के लिए विटामिन-सी (खट्टे फल) का सेवन करें। याद रखें, एक बार दांत की जड़ खराब हो गई तो उसे बचाना मुश्किल होता है, इसलिए समय रहते इन आयुर्वेदिक उपायों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

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