
वेनेजुएला की राजधानी काराकस समेत माराकाइबो और स्यूडाड गुआना जैसे प्रमुख शहरों पर अमेरिका के हमलों ने भारी तबाही मचा दी है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक ट्वीट में मादुरो को ‘समर्पण करने’ की चेतावनी के बावजूद, निकोलस मादुरो का ठिकाना अब तक रहस्य बना हुआ है। खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वे या तो क्यूबा भाग चुके हैं या गुप्त बंकर में छिपे हैं।
वहीं ट्रप ने दावा किया है कि मुदारा और उनकी पत्नी उनकी गिरफ्त में हैं। आपको बता दें कि यह तख्तापलट कोई आकस्मिक घटना नहीं है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की एक गोपनीय रिपोर्ट, जो लीक हुई है, बताती है कि अगस्त 2025 में ही ट्रंप प्रशासन ने ‘ऑपरेशन लिबर्टी वेनेजुएला’ की स्क्रिप्ट तैयार कर ली थी। इसमें मादुरो को निशाना बनाने के लिए ड्रोन हमले, स्थानीय विद्रोहियों का साथ और आर्थिक नाकेबंदी शामिल थी। सही मौका 3 जनवरी को मिला, जब वेनेजुएला की सेना के एक धड़े ने अमेरिकी समर्थन में बगावत कर दी। संयुक्त राष्ट्र और इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) ने इस कार्रवाई को ‘अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन’ बताया है, लेकिन ट्रंप ने इसे ‘लोकतंत्र की रक्षा’ करार दिया।
मादुरो पर ओसामा बिन लादेन से भी ज्यादा इनाम
ट्रंप प्रशासन ने मादुरो को 9/11 के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन से भी बड़ा खतरा घोषित करते हुए उनके सिर पर 50 मिलियन डॉलर (450 करोड़ रुपए) का इनाम रखा। यह फैसला अगस्त 2025 में अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पैम बोंडी ने लिया। उनपर आरोप लगा कि वो वेनेजुएला से कोलंबिया के ड्रग कार्टलों के साथ मिलकर अमेरिका में 7 टन से ज्यादा कोकीन की तस्करी की। ये अपराध ‘नार्को-टेररिज्म’ के तहत आता है।
2020 में न्यूयॉर्क की मैनहटन फेडरल कोर्ट ने उन्हें नार्को-टेररिज्म और कोकीन आयात की साजिश में दोषी ठहराया था। शुरू में 15 मिलियन डॉलर का इनाम था, जो बाइडेन काल में 25 मिलियन हो गया। ट्रंप ने इसे दोगुना कर 50 मिलियन किया। अमेरिकी न्याय विभाग ने मादुरो की 700 मिलियन डॉलर की संपत्ति जब्त की, जिसमें दो प्राइवेट जेट और लग्ज़री यॉट शामिल हैं। बोंडी ने कहा, “ट्रंप के नेतृत्व में मादुरो जैसे अपराधी अब बच नहीं सकते।”
वेनेजुएला की जनता और प्रवासियों की प्रतिक्रिया
मियामी में रहने वाले लाखों वेनेजुएली प्रवासियों ने इनाम की तारीफ की। एक प्रदर्शनकारी, कार्लोस रोड्रिगेज ने कहा, “यह साबित करता है कि मादुरो कोई राष्ट्रपति नहीं, बल्कि ड्रग माफिया है। हम इंसाफ की उम्मीद करते हैं।” वहीं, वेनेजुएला में मादुरो समर्थक सड़कों पर उतर आए। विदेश मंत्री इवान गिल ने इनाम को ‘सस्ती सियासी साजिश’ कहा और अमेरिका पर ‘आक्रामकता’ का आरोप लगाया।














