
प्रभारी जिलाधिकारी कविता मीना व सीएमओ के संयुक्त प्रयास से 605 लोगों को खिलायी गयी फाइलेरिया से बचाव की दवा
जनपद में बीस लाख से अधिक लोग खा चुके हैं फाइलेरिया से बचाव की दवा
बहराइच l जिले में एमडीए अभियान को गति देने के लिए प्रभारी जिलाधिकारी आई0 ए0 एस0 कविता मीना व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सतीश कुमार सिंह के संयुक्त प्रयास से शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस के मौके पर जनपद के सभी तहसीलों में फाइलेरिया कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में 605 लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाई गयी। वहीं जनपद में अब तक बीस लाख से अधिक लोग फाइलेरिया से बचाव की दवा खा चुके हैं । इस मौके पर प्रभारी जिलाधिकारी ने सभी लोगों से दवा खाने की अपील की।
गौरतलब है जिले में एमडीए अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिला रहीं हैं। यह दवा किसी भी सूरत में घर पर रखने के लिए नहीं देनी होती है बल्कि इसे आशा कार्यकर्ता को अपने सामने ही खिलाना होता है। इस कारण घर से बाहर गए लोगों को दवा खिलाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को पुनः उसी घर का भ्रमण करना पड़ता है। इस समस्या का समाधान व अभियान को गति देने के लिए प्रभारी जिलाधिकारी आईएएस कविता मीना व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सतीश कुमार सिंह के संयुक्त प्रयास से सम्पूर्ण समाधान दिवस के मौके पर जनपद के सभी तहसीलों में फाइलेरिया कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में 605 लोगों को स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाई। प्रभारी जिलाधिकारी आईएएस कविता मीना ने बताया कि फाइलेरिया यानि हाथी पाँव व्यक्ति को कुरूप बनाती है और इसका कोई इलाज नहीं है। इससे बचने का मात्र एक ही उपाय है कि दो वर्ष से अधिक आयु के सभी लोग साल में एक बार और लगातार पांच साल फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन कर लें ।
देर में दिखायी देते हैं फाइलेरिया के लक्षण –
सीएमओ ने बताया फायलेरिया संक्रमण होने के 12 से 15 साल बाद इसके लक्षण दिखाई देते हैं । तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। फायलेरिया के लक्षण जैसे हाथ पैर में सूजन, अंडकोषों में सूजन, आदि एक बार प्रकट होने के बाद इसे ठीक नहीं किया जा सकता ।
ऐसे फैलता है फायलेरिया-
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व नोडल डॉ जयंत ने बताया कि फायलेरिया से संक्रमित व्यक्ति को जब मच्छर काटता है तो मच्छर भी संक्रमित हो जाता है और यही मच्छर आगे जब किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है तो उसे भी फायलेरिया से संक्रमित कर देता है। फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन करके इससे बचा जा सकता है ।
इनको नहीं खानी है दवा –
जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि फायलेरिया रोधी दवा खाली पेट नहीं खानी है साथ ही दो साल से छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं व गंभीर बीमार व्यक्ति को छोड़कर सभी को दवा खानी है। दवा खाने के बाद फायलेरिया संक्रमण का खतरा टल जाता है।











