बांदा: पोस्टमार्टम के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच गाजीपुर रवाना हुआ माफिया डॉन का शव


बांदा। माफिया डॉन से राजनेता बनकर पूर्वांचल में अपनी हुकूमत चलाने वाले मुख्तार अंसारी का आखिरकार अंत हो गया। गुरुवार की देर रात मुख्तार की मौत की अधिकारिक पुष्टि के बाद प्रशासन ने कानून व्यवस्था कायम करने की चुनौती को बखूबी निभाया और बांदा जनपद समेत समूचे प्रदेश में धारा 144 लागू करके हाई अलर्ट घोषित कर दिया। हालांकि कहीं से िकसी अप्रिय घटना की जानकारी नहीं आई। माफिया की मौत के बाद प्रशासन ने कड़ी निगरानी के बीच माफिया के शव का पोस्टमार्टम कराया और शुक्रवार की शाम शव को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुख्तार के पैत्रक गांव गाजीपुर के युसुफपुर के लिए रवाना कर दिया गया। माफिया के शव के साथ पुलिस प्रशासन की दर्जनों गाड़ियों का काफिला शामिल रहा।

सूत्रों की मानें तो डॉन का शव देर रात तक गाजीपुर पहुंचेगा, जहां शनिवार की सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। मंडल कारागार में करीब तीन साल से बंद माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की गुरुवार की शाम एक बार फिर से हालत बिगड़ गई और उसे आनन फानन में शहर के रानी दुर्गावर्ती मेडिकल कालेज में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच माफिया का उपचार नौ डाक्टरों की टीम ने किया, लेकिन रात करीब 10.25 बजे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया।

माफिया डॉन की मौत के बाद जहां एक आेर पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित करके सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और आगे की कार्रवाई को लेकर प्रशासन ने शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों से संपर्क साधना शुरू कर दिया। हाईकमान से मिले दिशा निर्देशों के अनुसार स्थानीय प्रशासन भी फूंक फूंक कर कदम उठा रहा था। उधर सूचना मिलते ही मुख्तार का छोटा बेटा उमर अंसारी गाजीपुर से रवाना हुआ और रात करीब दो बजे रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज पहुंचा। उमर ने जेल प्रशासन व प्रदेश सरकार पर पिता की हत्या का आरोप मढ़ना शुरू कर दिया।

वहीं प्रशासन ने वीडियोग्राफी और कड़ी निगरानी के बीच पांच डाक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया। करीब छह घंटे तक चले पोस्टमार्टम के बाद जब अंसारी के बेटे को रिपोर्ट सौंपी तो उसने पीएम रिपोर्ट पर ही सवाल उठाने शुरू कर दिए। कहा कि उसे स्थानीय प्रशासन और जेल प्रशासन पर भरोसा नहीं है। ऐसे में शव का पोस्टमार्टम एम्स में कराया जाना चाहिए।

काफी जद्दोजहद के बाद प्रशासन ने शव वाहन को तैयार किया और माफिया के शव को गाजीपुर स्थित मुख्तार के पैत्रक गांव यूसुफपुर के लिए रवाना कर दिया। शव वाहन के साथ दर्जनों वाहनों का काफिला शामिल रहा। काफिले के साथ मुख्तार के बेट उमर अंसारी और उनकी पत्नी सहित कुछ अन्य परिजन भी शामिल हुए। कुल मिलाकर माफिया मुख्तार के अध्याय का अंत हो गया और देर रात शव पहुंचने के बाद शनिवार की सुबह पैत्रक कब्रिस्तान कालीबाग में माफिया डॉन सुपुर्दे खाक कर दिया जाएगा।
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माफिया के बेटे ने उठाई पोस्टमार्टम एम्स में कराने की मांग
माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की मौत की खबर पर बांदा रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज पहुंचे छोटे बेट उमर अंसारी ने जहां एक आेर जेल प्रशासन और प्रदेश सरकार को पिता की मौत का जिम्मेदार बताया। वहीं शुक्रवार की सुबह पोस्टमार्टम पर सवाल उठाते हुए जिलाधिकारी से पिता के शव का पोस्टमार्टम दिल्ली स्थित एम्स में कराने की मांग उठाई।

कहा कि उसे बांदा प्रशासन के साथ ही मेडिकल कालेज पर भरोसा नहीं है। कहा है कि उसके पिता ने पहले ही जेल प्रशासन पर खाने में जहरीला पदार्थ खिलाने का अंदेशा जाहिर किया था। इस संबंध में पिता ने अदालत के सामने भी आवाज उठाई थी। उधर दो दिन पहले हालत बिगड़ने का जिक्र करते हुए कहा कि गंभीर रूप से बीमार पिता को बेहतर उपचार भी नहीं मुहैया कराया गया आैर न ही उन्हें किसी बड़े अस्पताल के लिए रेफर ही किया गया। ऐसे में पिता के शव का पोस्टमार्टम दिल्ली स्थित एम्स में कराया जाना चाहिए, ताकि पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सके।
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माफिया की मौत पर उठने लगी जांच की मांग
माफिया डॉन मुख्तार की मौत पर जहां सभी विपक्षी दलों ने एक स्वर से जांच की मांग बुलंद करना शुरू कर दिया है। वहीं आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने पूरे मामले को उसरीचट्‌टी प्रकरण से जोड़कर बताया है। कहा है कि मुख्तार अंसारी की मौत का मामले के तार कहीं न कहीं पूर्वांचल के माफिया बृजेश सिंह से जुड़े हो सकते हैं। कहा है कि बांदा जेल में मुख्तार की रहस्यमय मौत की विस्तृत जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए,

ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। बताया है कि उसरीचट्‌टी में मुख्तार के काफिले पर हमले की घटना को लेकर प्रदेश में तरह तरह की चर्चाएं हैं। अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि मौजूदा उत्तर प्रदेश सरकार जिस प्रकार माफियाओं में भेदभाव कर कुछ माफियाओं को प्रश्रय और कुछ के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, उससे इस प्रकार के तथ्य और तत्व होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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