बांदा: एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़ा विद्युत विभाग का जेई व लाइनमैन

  • लाइनमैन के माध्यम से घूस की रकम लेता था बिजली विभाग का जेई
  • शिकायत मिलने पर एंटी करप्शन टीम ने की कार्रवाई, रंगेहाथ पकड़ा

बांदा। सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार का दीमक इस कदर अपनी जड़ें जमा चुका है कि प्रदेश की सरकार को भ्रष्टाचार पर लगाम कसने की खातिर सभी जिलों में एंटी करप्शन ब्यूरो के थाने खोलने पड़ रहे हैं, फिर भी सरकारी अधिकारी कर्मचारी घूस लेने से बाज नहीं आते और किसी न किसी माध्यम से रिश्वत लेकर अपनी जेबें भरने का काम कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला विद्युत उपकेंद्र जसपुरा के अवर अभियंता और संविदा लाइनमैन की रिश्वतखोरी का सामने आया है।

थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की। शिकायतकर्ता के मुताबिक विभागीय कार्य के एवज में जेई रविंद्र कुमार ने उससे 16 हजार रुपए बतौर घूस मांग की। जिस पर बाद में 10 हजार रुपए मे मामला तय हुआ। उधर शिकायतकर्ता ने मामले की जानकारी एंटी करप्शन टीम को दे दी।

केमिकलयुक्त नोटों की गड्‌डी लेकर शिकायतकर्ता ने जेई के कारखास संविदा लाइनमैन आलोक कुमार को सौंपे, तभी टीम के सदस्यों ने उसे दबोच लिया। हालांकि अवर अभियंता के पास से टीम को कुछ भी नहीं मिला, लेकिन लाइनमैन ने बताया है कि वह जेई के कहने पर ही उनके लिए रिश्वत की रकम लेता था। बाद में रिश्वत की रकम का कुछ हिस्सा उसे भी मिल जाता था।

उधर एंटी करप्शन की टीम जेई और लाइनमैन को जसपुरा से शहर कोतवाली में ले आए और आगे की कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। सूत्रों की मानें तो मामले काे रफा दफा करने के लिए विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एेंड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। आलम यह है कि सभी अधिकारी अपने कर्मचारियों को बचाने के लिए कोतवाली में डेरा जमाए हुए हैं। समाचार लिखे जाने तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

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