
फेसबुक में आखिरी पोस्ट डालकर श्वेता ने िदया था कुछ खास संदेश
‘घायल शेरनी, घायल नागिन और अपमानित स्त्री से सदैव डरना चाहिए’ यह पंक्तियां फेसबुक में आखिरी बार लिखकर कुछ खास संकेत देने वाली जिला पंचायत सदस्य श्वेता सिंह गौर ने बुधवार की सुबह संदिग्ध हालात में पंखे से फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि श्वेता सिंह गौर के आत्महत्या की खबर सबके गले नहीं उतर रही है, लेकिन मौके के हालात और पुलिस की प्रारंभिक जांच कुछ इसी ओर इशारा कर रही है। घटना की खबर मिलते ही पुलिस अधीक्षक अभिनंदन भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने फोरेंसिक जांच के साथ ही डाॅग स्क्वायड की मदद से मामले की हकीकत जांचने के निर्देश दिए।
बता दें कि श्वेता सिंह गौर के पति दीपक सिंह गौर जहां भाजपा किसान मोर्चा के वरिष्ठ नेता हैं, वहीं उनके ससुर राजबहादुर सिंह सेवानिवृत्त आईपीएस हैं। दीपक और श्वेता के तीन बेटियां हैं। उधर मृतका के मायके वालों का कहना है कि उसके पति उसे लगातार प्रताड़ित करते थे और बीते तीन दिनों से दोनों के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा था।
मायके वालों ने आशंका जाहिर की है कि बुधवार की सुबह पति-पत्नी के बीच हुए झगड़े के परिणामस्वरूप उनकी बेटी की मौत हो गई। हालांकि उनके घर में नौकरी करने वाले रसोइये का कहना है कि मंगलवार की रात से शुरू हुए झगड़े का दौर सुबह भी चलता रहा। इसके बाद दीपक गुस्से मंे घर से बाहर निकल गए और श्वेता ने कमरे के अंदर कुंडी बंद करके पंखे से लटक कर फांसी लगा ली। उसने ही परिजनों को घटना की जानकारी दी और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा और शव को फंदे से नीचे उतारा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने मामले को प्रथम दृष्टया आत्महत्या बताया है, लेकिन उन्होंने परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच करने की बात भी कही है।












