सावधान! क्या आप भी खाने के बाद पीते हैं कोल्ड ड्रिंक? सिर्फ एक कैन और 50% बढ़ जाता है फैटी लिवर का खतरा

 हेल्थ डेस्क: जैसे-जैसे सूरज की तपिश बढ़ रही है, बाजारों में कोल्ड ड्रिंक्स की डिमांड भी तेज होने लगी है। अक्सर लोग भारी खाना खाने के बाद पेट की गैस कम करने या ठंडक के अहसास के लिए गटागट सॉफ्ट ड्रिंक्स पी जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह ‘कूल’ दिखने वाली आदत आपके लिवर को अंदर ही अंदर छलनी कर रही है? हालिया मेडिकल रिसर्च और JAMA जर्नल की स्टडी ने कोल्ड ड्रिंक प्रेमियों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। बोतलबंद ड्रिंक्स में मौजूद अत्यधिक शुगर और फ्रक्टोज आपके लिवर के लिए किसी जहर से कम नहीं हैं।

98,000 महिलाओं पर 20 साल तक चली स्टडी: नतीजे चौंकाने वाले

JAMA जर्नल में प्रकाशित ‘Women’s Health Initiative’ (2023) की एक वृहद स्टडी ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। इस शोध में 98,000 से ज्यादा पोस्टमेनोपॉज (रजोनिवृत्ति के बाद की अवस्था) महिलाओं पर 20 वर्षों तक अध्ययन किया गया। रिसर्च के मुताबिक, जो महिलाएं रोजाना एक या उससे अधिक शुगर-स्वीटेड ड्रिंक पीती हैं, उनमें लिवर कैंसर का जोखिम 85% तक बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, ऐसी महिलाओं में क्रॉनिक लिवर डिजीज से मौत का खतरा भी 68% ज्यादा पाया गया है।

सिर्फ एक कैन और 50% बढ़ जाता है फैटी लिवर का खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ शुगर वाली ही नहीं, बल्कि ‘डाइट’ ड्रिंक्स भी उतनी ही खतरनाक हैं। रोजाना महज एक कैन पीने से नॉन-एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) का खतरा 50 से 60 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। दरअसल, इसमें मौजूद फ्रक्टोज सीधे लिवर में जाकर जमा हो जाता है। यह धीरे-धीरे लिवर में सूजन पैदा करता है, जो आगे चलकर सिरोसिस या कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का रूप ले लेता है।

महिलाओं के लिए क्यों ज्यादा घातक है सॉफ्ट ड्रिंक?

रिसर्च के अनुसार, पुरुषों के मुकाबले महिलाएं कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन अधिक करती हैं, जिससे उनका लिवर जल्दी प्रभावित होता है। महिलाओं के शरीर की संरचना और हार्मोनल बदलावों के कारण शुगर का असर उन पर अधिक तीव्र होता है। ज्यादा सॉफ्ट ड्रिंक पीने से महिलाओं में इंसुलिन रेजिस्टेंस और पीसीओडी (PCOD) जैसी हार्मोन संबंधी समस्याएं भी तेजी से बढ़ने लगती हैं।

खाना खाने के बाद कोल्ड ड्रिंक पीना है सबसे बड़ी गलती

अक्सर लोग पाचन के लिए कोल्ड ड्रिंक पीते हैं, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है:

  • पाचन प्रक्रिया होती है धीमी: बर्फीली ठंडी ड्रिंक पेट में मौजूद फैट को सॉलिड (ठोस) बना देती है, जिससे ब्लोटिंग और भारीपन बढ़ता है।
  • लिवर पर एक्स्ट्रा बोझ: खाने के तुरंत बाद फ्रक्टोज का सेवन लिवर में फैट जमा करने की प्रक्रिया को तेज कर देता है।
  • बीमारियों का घर: इससे न केवल बैली फैट बढ़ता है, बल्कि टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है।

क्या है स्वस्थ विकल्प? डॉक्टर की सलाह

डॉक्टर्स का मानना है कि लिवर को स्वस्थ रखने के लिए पैकेज्ड ड्रिंक्स से तौबा करना ही बेहतर है। खाने के बाद या प्यास लगने पर पानी, ताजी नींबू शिकंजी, छाछ या हर्बल चाय बेहतरीन विकल्प हैं। अगर आपको कोल्ड ड्रिंक की लत है, तो इसे धीरे-धीरे कम करें और नियमित एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

नोट: यह जानकारी विभिन्न वैश्विक स्वास्थ्य अध्ययनों और जर्नल्स पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें। 

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