
नई दिल्ली: अगर आप भी ट्रेन में कन्फर्म टिकट पाने के लिए आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट या ऐप पर उंगलियां तेजी से चलाते हैं या किसी ‘स्मार्ट ट्रिक’ का इस्तेमाल करते हैं, तो सावधान हो जाइए। भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एक क्रांतिकारी AI प्रीडेटर सिस्टम (AI Predator System) लागू किया है। अब आपकी टाइपिंग स्पीड और बुकिंग के तरीके पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पैनी नजर होगी। अगर सिस्टम को जरा भी शक हुआ कि आप इंसान नहीं बल्कि कोई ‘सॉफ्टवेयर’ या ‘रोबोट’ हैं, तो आपकी यूजर आईडी तुरंत ब्लॉक कर दी जाएगी।
4.2 सेकंड का ‘डेथ लाइन’ नियम: पलक झपकते जानकारी भरी तो फंसेगे
रेलवे बोर्ड के नए एल्गोरिदम के अनुसार, अब यात्रियों की टाइपिंग स्पीड को बारीकी से मापा जाएगा। यदि कोई यूजर 5 यात्रियों का विवरण (नाम, उम्र, लिंग आदि) 4.2 सेकंड से कम समय में भर देता है, तो AI सिस्टम उसे संदिग्ध मानकर ‘रेड फ्लैग’ कर देगा। रेलवे का मानना है कि कोई भी साधारण इंसान इतनी तेजी से डेटा एंट्री नहीं कर सकता। यह नियम उन दलालों और अवैध ऑपरेटरों को रोकने के लिए बनाया गया है जो ऑटो-फिल सॉफ्टवेयर या कट-पेस्ट तकनीक का इस्तेमाल कर आम यात्रियों से पहले कन्फर्म टिकट हथिया लेते हैं।
बार-बार लॉगिन-लॉगआउट करना पड़ेगा भारी, 2.8 लाख अकाउंट्स पर गिरी गाज
नई सुरक्षा प्रणाली के तहत लॉगिन और लॉगआउट की फ्रीक्वेंसी पर भी सख्त पहरा है। अगर कोई यूजर आधे घंटे के भीतर 5 बार से अधिक लॉगिन या लॉगआउट करता है, तो सुरक्षा कारणों से उस अकाउंट को 24 घंटे के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। इसके अलावा, अब आईपी एड्रेस (IP Address) और मोबाइल नंबर की भौगोलिक स्थिति (Location) का मेल खाना भी जरूरी होगा, वरना ट्रांजैक्शन बीच में ही अटक सकता है। रेलवे इस सिस्टम के जरिए अब तक लगभग 2.8 लाख संदिग्ध अकाउंट्स को ब्लॉक कर चुका है।
आम यात्रियों की चांदी: कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना 40% तक बढ़ी
रेलवे के इस कड़े कदम का सबसे बड़ा फायदा आम जनता को होने वाला है। अधिकारियों का अनुमान है कि दलालों और अवैध सॉफ्टवेयर पर लगाम कसने से आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना 40 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। अब त्योहारों या छुट्टियों के सीजन में तत्काल टिकटों की लूटपाट कम होगी और वास्तविक जरूरतमंदों को बर्थ मिल सकेगी।
डिजिटल तोहफा: RailOne ऐप से टिकट बुक करने पर 3% की सीधी छूट
एक तरफ जहां टिकटों की कालाबाजारी पर सख्ती बढ़ी है, वहीं दूसरी तरफ डिजिटल ट्रांजैक्शन करने वालों के लिए खुशखबरी है। रेलवे ने RailOne ऐप के माध्यम से अनारक्षित (General) टिकट बुक करने पर 3 प्रतिशत का बोनस डिस्काउंट देने की घोषणा की है। यह योजना 14 जनवरी 2026 से 14 जुलाई 2026 तक ट्रायल बेसिस पर लागू रहेगी। अब यात्री यूपीआई (UPI), डेबिट/क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए भुगतान कर इस कैशबैक का लाभ उठा सकते हैं।
RailOne ऐप: एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी सारी सुविधाएं
यात्रियों की सुविधा के लिए अब प्लेटफॉर्म टिकट, अनारक्षित टिकट और शिकायत निवारण जैसी सेवाएं ‘रेलवन’ ऐप पर उपलब्ध हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे टिकट बुकिंग के दौरान किसी भी शॉर्टकट या अनधिकृत सॉफ्टवेयर के झांसे में न आएं। अपनी प्रामाणिक जानकारी का उपयोग करें ताकि आपकी आईडी सुरक्षित रहे और आपकी रेल यात्रा सुखद और बाधा मुक्त हो सके।














