अयोध्या से आई बड़ी खबर : ‘राम दरबार’ नहीं, अब कहिए ‘राम परिवार’

–भारतीय संस्कृति व भाषाई शुद्धता को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट ने लिया निर्णय

अयोध्या। राममंदिर में स्थापित राम दरबार अब राम परिवार के नाम से जाना जाएगा। ट्रस्ट ने इस बात की आधिकारिक घोषणा भी कर दी है। मंदिर ट्रस्ट ने संतों के सुझाव से यह बदलाव किया है। अयोध्या के साधु-संतों ने नाम में बदलाव के निर्णय का स्वागत किया है। राम मंदिर के प्रथम तल पर स्थापित राम दरबार का नाम अब आधिकारिक रूप से राम परिवार कर दिया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने यह निर्णय भारतीय संस्कृति और भाषाई शुद्धता को ध्यान में रखते हुए लिया है। इसी भाव के अनुरूप अब इसे राम परिवार के नाम से संबोधित किया जाएगा।

ट्रस्ट के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दरबार शब्द उर्दू मूल का है, जबकि राम मंदिर की संकल्पना पूरी तरह सनातन, भारतीय और लोक परंपराओं से जुड़ी हुई है। इसी भाव के अनुरूप अब इसे राम परिवार के नाम से संबोधित किया जाएगा। राम मंदिर के प्रथम तल पर स्थापित राम दरबार का नाम अब आधिकारिक रूप से राम परिवार कर दिया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने यह निर्णय भारतीय संस्कृति और भाषायी शुद्धता को ध्यान में रखते हुए लिया है। ट्रस्ट के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दरबार शब्द उर्दू मूल का है, जबकि राम मंदिर की संकल्पना पूरी तरह सनातन, भारतीय और लोक परंपराओं से जुड़ी हुई है।

इसी भाव के अनुरूप अब इसे राम परिवार के नाम से संबोधित किया जाएगा। भगवान श्रीराम को किसी राजसी दरबार की तरह नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में एक आदर्श पारिवारिक स्वरूप में प्रस्तुत करना ही इस परिवर्तन का मूल उद्देश्य है। ट्रस्ट के समक्ष राम दरबार का नाम बदलने का सुझाव आया था, जिसके के बाद ट्रस्ट ने संतों से राय लेकर यह परिर्वतन किया गया। राम परिवार शब्द में भगवान श्रीराम के साथ माता सीता, भ्राता लक्ष्मण और भक्त हनुमान के पारिवारिक, भावनात्मक और सांस्कृतिक संबंधों का भाव निहित है, जो आम जनमानस से सीधे जुड़ता है।

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