कक्षा 4 की छात्रा ने चौथी मंजिल से लगाई छलांग : CBSE ने स्कूल को कारण बताओ नोटिस किया जारी…जानें पूरा मामला

CBSE issued Show cause notice to neerja modi School: राजस्थान के जयपुर शहर के नामचीन स्कूलों में से एक नीरजा मोदी स्कूल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है. CBSE ने 1 नवंबर को स्कूल की चौथी मंजिल से कक्षा 4 की छात्रा अमायरा (Amaira) के छलांग लगाने के मामले में दी है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने गुरुवार को स्कूल को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया है, जिसमें स्कूल प्रबंधन से इस मामले को लापरवाही सामने आने के बाद उसके खिलाफ संबद्धता उपनियमों के अध्याय 12 के तहत दंडात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा है.

नीरज मोदी स्कूल को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस

CBSE के सामने अमायरा केस आने के बाद बोर्ड ने दो-सदस्यीय जांच समिति बनाई थी. जिसमें छानबीन के दौरान पाया कई बातों की जानकारी सामने आई जो निरीक्षण के दौरान स्कूल में नियमों के गंभीर उल्लंघन और बाल सुरक्षा में लापरावाही की तरफ इशारा कर रही थी. घटना की जांच के बाद, सीबीएसई (CBSE) की दो-सदस्यीय समिति ने स्कूल निरीक्षण में चौंकाने वाली लापरवाही उजागर की. समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि स्कूल प्रशासन ने न केवल सुरक्षा नियमों की अनदेखी की, बल्कि एक छात्रा की लगातार बुलिंग (उत्पीड़न) की शिकायतों पर भी 18 महीने तक कोई कार्रवाई नहीं की.

जांच समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट में स्कूल की कई गंभीर खामियों का खुलासा किया है:

1. जांच में पाया गया कि घटना 1 नवंबर को दोपहर 12:28 और 11 सेकंड पर हुई. जिस स्थान से छात्रा गिरी थी, उस पूरे क्षेत्र को फॉरेंसिक जांच से पहले ही स्कूल प्रशासन द्वारा धुलवा दिया गया था, जो साक्ष्य मिटाने का गंभीर प्रयास माना जा रहा है.

 2. समिति ने स्कूल और छात्रा के परिजनों के बीच हुई बातचीत के ब्यौरे को भी रिपोर्ट में शामिल किया है, जो बताता है कि स्कूल ने 18 महीनों तक बुलिंग की शिकायतों को अनदेखा किया था. 2 मई 2024 को अमायरा की मां ने शिकायत की कि किसी बच्चे ने उसकी तरफ  मिडिल फिंगर किया, लेकिन टीचर ने कोई एक्शन नहीं लिया. इसके बाद 24-25 जुलाई 2024 के परिजनों ने अमायरा के परेशान होने और रोने के ऑडियो के साथ स्कूल से शिकायत की.

इसके बाद सितंबर 2024में पीटीएम (PTM) में पिता ने एक बच्चे द्वारा परेशान करने की शिकायत की थी. इसके बाद 10 अक्टूबर 2024 को उसी बच्चे ने स्कूल में यह बात फैलाई कि अमायरा ने उसे I love you कहा है. जिसपर अन्य बच्चे भी उसे चिढ़ाने लगे, जिससे वह काफी परेशान रहने लगी थी. 

 4. सीसीटीवी फुटेज और टीचर के बयान के आधार पर समिति ने पाया घटना से पहले बच्ची परेशान दिख रही थी. सुबह सामान्य दिखने के बाद, 11 बजे उसे कुछ बच्चों ने परेशान किया और डिजिटल स्लेट पर कुछ लिखकर दिखाया, जिससे वह और ज़्यादा परेशान हो गई. बच्ची ने घटना से पहले 45 मिनट में पांच बार अपनी क्लास टीचर पुनीता शर्मा से मदद मांगी, लेकिन टीचर ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और सिर्फ उसे डांट लगा दी. जिससे वह डर गई. इसके बाद  टीचर पुनीता शर्मा ने अपने बयान में इस बात को स्वीकारा कि बच्चों द्वारा क्लास में उनके खिलाफ **’बैड शब्दों’ के इस्तेमाल की शिकायत उनके पास आई थी.

5.  स्कूल में 5,000 से ज़्यादा बच्चों के बावजूद सीसीटीवी कैमरा सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहे थे और बच्चों/स्टाफ ने आईडी कार्ड नहीं पहने हुए थे.

6.  स्कूल बिल्डिंग में नियमों से अधिक फ्लोर बने हुए थे. इसके अलावा रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट, NCPCR, NDMA और राष्ट्रीय भवन संहिता के तहत बने सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की बात कही गई. स्कूल की ऊपरी मंजिलों पर सुरक्षा जाल (Safety Net) की कमी और फ्लोर अटेंडेंट का अभाव पाया गया.

CBSE की चेतावनी के बाद रद्द हो सकती है स्कूल की मान्यता !

इन गंभीर उल्लंघनों के बाद, सीबीएसई ने स्कूल को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी करते हुए 30 दिनों के अंदर जवाब देने का समय दिया है. यदि स्कूल जवाब देने में असमर्थ होता है, तो उपनियमों के अध्याय 12 के तहत चेतावनी, जुर्माना, संबद्धता का निलंबन या मान्यता रद्द करने जैसी दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा, ढांचा, शिक्षण-प्रक्रिया और छात्र संरक्षण से जुड़े नियमों का पालन करना सभी संबद्ध स्कूलों के लिए अनिवार्य है.

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