
शहर विधानसभा से बसपा की ओर से लड़ा था चुनाव, समर्थकों में दौड़ी शौक की लहर
भास्कर समाचार सेवा
मेरठ। नगर निगम के पार्षद एवं बसपा के कद्दावर नेता हाजी दिलशाद शौकत का मंगलवार की सुबह इंतकाल हो गया। परिजनों ने बताया, उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया और जब तक अस्पताल लेकर गए उनका निधन हो गया। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे। बसपा नेता की मौत की खबर मिलते ही समर्थकों में शौक की लहर दौड़ गई।
लिसाड़ीगेट क्षेत्र के श्यामनगर निवासी हाजी दिलशाद शौकत बसपा के कद्दावर नेता थे। हाल ही में उन्होंने शहर विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। सरल स्वभाव के हाजी दिलशाद की अपने क्षेत्र में काफी लोकप्रियता थी। उन्होंने दो बार नगर निगम पार्षद का चुनाव लड़ा और दोनों ही बार विजय हासिल की। क्षेत्रवासियों ने बताया, कोरोना की दूसरी लहर में हाजी दिलशाद और उनके पिता हाजी शौकत अली कोरोना की चपेट में आ गए थे। हाजी शौकत को दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था।
पिता की मौत से चल रहे थे तनाव में
पिता की मौत के बाद से हाजी दिलशाद तनाव में थे। उन्हें दो बार हार्ट अटैक आ चुका था, वे काफी समय से बीमार चल रहे थे। उनका दिल्ली में इलाज भी चल रहा था। मंगलवार सुबह तीसरी बार फिर से दिल का दौरा पड़ा तो इस बार उनको बचाया नहीं जा सका।
समर्थकों में दौड़ी शौक की लहर
उनके इंतकाल की सूचना जैसे ही समर्थकों को लगी, सभी उनके घर की ओर दौड़ पड़े। हाजी दिलशाद के इंतकाल से परिजनों में कोहराम मचा है। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।













