
भास्कर समाचार सेवा
टूंडला। पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर इन्द्रा नगर टूंडला में भगवान श्री 1008 आदिनाथ की विधिविधान के साथ जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान समाज के महिला-पुरूषों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
शुक्रवार को जैन मुनि अमित सागर महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए कहा कि प्रत्येक मनुष्य को धर्म के पुण्य कार्यों में भागीदार बनना और सहयोग व सेवा प्रदान करना अपने जीवन का अंग बनाओ। गुरुचरणों में शीष नवाने वाले लोग, गुरु को मानने वाले लोग तो दुनिया में बहुत मिल जाएंगे। किंतु गुरु की आज्ञा का पालन करने वाले तो निराले ही होते हैं।
पर जो होते हैं उनके हृदय में स्वयं गुरु विराजमान हो जाते हैं। उन्हें ईश्वरीय असीम शक्तियों का अहसास होने लगता है, वे सुख-दुख, मान-अपमान, हानि-लाभ, जय-पराजय, यहां तक कि गुरुकार्यों की सम्पूर्णता के लिए अपना सर्वस्व लगाने से भी पीछे नहीं हटते। क्योंकि उन्हें गुरु का आदेश ईश्वर का संदेश प्रतीत होने लगता है। यह प्रवचन सुन श्रद्धालुगण भाव विभोर हो गये। इस दौरान बड़ी में जैन समाज के महिला पुरूष मौजूद रहे।













