रिसर्च में हो गया खुलासा, सैलरी उड़ा देती है लोगों की नींद, जानिए कैसे 

सैलरी अनिंद्रा का कारण – नींद हर किसी के लिए ज़रूरी है, अच्छी सेहत के लिए पर्याप्त नींद ज़रूरी है, लेकिन आजकल हर किसी को पर्याप्त नींद नसीब नहीं होती, कभी तनाव, गलत जीवनशैली तो कभी किसी और वजह से सबकी नींद पूरी नहीं हो पाती.

इन सबके अलावा नींद ने पूरे होने का एक और कारण है कम सैलरी. ये चौंकाने वाला खुलासा हुआ है एक सर्वे में.

हाल ही में दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में प्रफेशनल्स के बीच किए गए एक सर्वेक्षण में नींद से जुड़े कई तथ्य सामने आए. सैलरी अनिंद्रा का कारण बनती है.

सर्वे के अनुसार कम वेतन पाने वालों को नींद कम आती है और अगर वेतन बढ़ जाए तो नींद ज़्याद आती है. सैलरी अनिंद्रा का कारण – जो लोग अच्छी नींद सोते हैं, उनमें दो-तिहाई से ज्यादा लोगों का कहना था कि वह पूरे मन से काम करते हैं और उसके परिणाम भी बहुत अच्छे आते हैं. इसकी तुलना में कम सोने वाले लोग अपना कोई भी काम पूरे मन से नहीं कर पाते.

सैलरी अनिंद्रा का कारण 

ये बात सच है कि जिन लोगों की सैलरी कम होती हैं उन्हें हमेशा टेंशन रहती है, इसलिए उन्हें नींद नहीं आती. जबकि ज़्यादा सैलरी वाले संतुष्ट रहते हैं और यही संतुष्टी उन्हें चैन की नींद दिलाती है. इसके अलावा सर्वे में नींद को लेकर और भी कई अहम खुलासे हुए.

सर्वे में यह भी सामने आया है कि जो लोग खाना खाने और सोने में 2 घंटे से कम समय का अंतर रखते हैं, उन्हें नींद से जुड़ी समस्या होने की संभावना ज़्यादा होती है. सर्वे से पता चला कि दिल्ली के लोग रात में हैवी खाने के तुरंत बाद सो जाते हैं, जबकि मुंबई के लोग कुछ ‘लाइट’ खाकर सोना पसंद करते हैं.

इसके आलावा सिगरेट पीने वाले लोगों के मुकाबले ऐसा न करने वालों को बेहतर नींद आती है. सिगरेट की संख्या जितनी बढ़ती जाती है, नींद की मात्रा उतनी कम होती जाती है. यही हाल मोटापे का है, जो लोग खुद को मोटा मानते हैं, उनमें नींद से जुड़ी परेशानियां ढाई गुना तक ज्यादा होती हैं. नियमित तौर पर कसरत करनेवालों, जिम जानेवालों और पैदल चलनेवालों को बेहतर नींद नींद आती है.

सैलरी अनिंद्रा का कारण हो सकती है – 

अगर आपकी भी सैलरी कम है तो उसे लेकर टेंशन न लें, क्योंकि टेंशन से नींद कम आएगी और कम नींद कई बीमारियों को बुलावा देती है. इसकी बजाय नई नौकरी तलाशे और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं. डेली वर्कआउट करें और अपने खाने-पीने पर ध्यान दें.

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