
दैनिक भास्कर व्यूरो
बकेवर/फतेहपुर । सरकार लाखों करोड़ों रुपये पानी की तरह स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत बहा रही है लेकिन जिम्मेदार साफ सफाई के लिए अवमुक्त बजट को धरातल में खर्च करने की बजाय बजट का आपसी बंदरबांट कर कागजी आंकड़ों तक सीमित कर रहे हैं।
सफाई कर्मी भी नियमित रूप से ड्यूटी करने की बजाय बगैर काम के ही घर बैठे मुफ्त का वेतन उठा रहे हैं। जिसकी बदौलत साफ सफाई के अभाव में गांव में चारों तरफ गन्दगी का अम्बार लगा हुआ है। नालियां चोक होने से नालियों का पानी सड़को पर बह रहा है। जिससे विकास खण्ड के अधिकांश गांव के लोगो को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
ऐसा ही नजारा देवमई ब्लाक के ग्राम पंचायत बेंता में देखने को मिला जहां साफ सफाई के अभाव में चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नालियां चोक पड़ी हैं। नालियों का दूषित पानी उफनाकर सड़को पर बह रहा है।

ग्रामीण अरुण प्रताप सिंह का कहना है कि सफाई कर्मी लंबे समय से तैनात है व गांव का ही रहने वाला है जिसके कारण सफाई कर्मी अपनी मनमानी करता है। सफाई कर्मी कभी सफाई नहीं करता है जिससे गांव की नालियां गंदगी से पटी पड़ी हैं। नालियों का गंदा पानी निकलकर रास्ते के ऊपर ही बह रहा है जिससे रोड, खरंजा ध्वस्त होते जा रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि नालियों की मरम्मत व सफाई निरन्तर हो जिससे आने जाने में स्कूली बच्चों को मशक्कत न करनी पड़े। नालियों का गंदा पानी गलियों में उफान मार रहा है जिससे कई मासूम बच्चे आये दिन नालियों में गिरकर घायल हो रहे हैं।










