
तेहरान/तेल अवीव। मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के नौवें दिन इजरायल ने ईरान की कमर तोड़ने के लिए उसके तेल भंडारों और रिफाइनरी केंद्रों को निशाना बनाया है। इजराइली मीडिया ‘वाइनेट’ के अनुसार, इस हमले में ईरान के 30 फ्यूल टैंक और 3 बड़े तेल डिपो तबाह हो गए हैं। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने न केवल इजरायल, बल्कि क्षेत्र के 5 देशों (सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और बहरीन) पर भी हमले तेज कर दिए हैं।
ईरान की नालियों में तेल रिसाव से आग फैली
ईरान की राजधानी तेहरान में तेल भंडारण ठिकानों पर हमलों के बाद फैला तेल शहर की नालियों में पहुंच गया, जिससे सड़कों के किनारे आग की नदी जैसी स्थिति बन गई।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर “लिविंग इन तेहरान” नाम के एक अकाउंट द्वारा साझा किए गए वीडियो में सड़क के किनारे लंबे हिस्से में आग जलती हुई दिखाई दे रही है।
इससे पहले ईरान के तेल मंत्रालय ने पुष्टि की थी कि तेहरान के पास अलबोर्ज प्रांत के करज शहर समेत तीन इलाकों में ईंधन भंडारण डिपो पर हमले किए गए।
इन हमलों के बाद कई जगह तेल फैल गया और कुछ स्थानों पर उसमें आग लग गई, जिससे सड़कों के किनारे आग की लपटें दिखाई देने लगीं।
हमलों के बाद राहत और बचाव दल हालात पर काबू पाने और आग बुझाने के प्रयास कर रहे हैं।
जंग के 5 बड़े और डरावने अपडेट्स:
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भारी तबाही: ईरान में अब तक 6,668 नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया है, जिसमें 5,535 घर और 1,041 दुकानें जमींदोज हो गई हैं।
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मानवीय संकट: हमलों में 14 मेडिकल सेंटर और 65 स्कूलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
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मौतों का आंकड़ा: इस त्रिकोणीय जंग में अब तक 1,483 लोगों की जान जा चुकी है।
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घायलों की संख्या: अकेले इजरायल में अब तक 1,765 लोग घायल हुए हैं।
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तेहरान में ‘आग की नदियाँ’: तेल डिपो पर हमले के बाद लीक हुआ तेल सड़कों की नालियों में बहने लगा, जिससे पूरे शहर में आग की लपटें दिखाई दे रही हैं।

तेहरान में ‘काली बारिश’ और मलबे का ढेर
इजराइली हवाई हमलों के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में एक अजीबोगरीब मंजर देखने को मिला। रिफाइनरियों में लगी आग और धुएं के कारण आसमान में काले बादल छा गए और शहर में ‘काली बारिश’ होने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों और पत्रकारों के अनुसार, इस बारिश के पानी में तेल मिला हुआ था। वहीं, इजरायल ने दावा किया है कि उसने इस्फहान और मेहराबाद हवाई अड्डों पर हमला कर ईरान के कई F-14 लड़ाकू विमानों और रडार सिस्टम को नष्ट कर दिया है।

ईरान का पलटवार: कुवैत और अमेरिकी ठिकानों पर हमला
ईरान की IRGC ने दावा किया है कि उसने कुवैत के अल-अदीरी एयरबेस पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया है, जहाँ अमेरिकी हेलीकॉप्टर मरम्मत केंद्र और कमांड सेंटर स्थित थे। इराक में सक्रिय ईरान समर्थित समूहों ने भी पिछले 24 घंटों में अमेरिकी ठिकानों पर 24 से ज्यादा हमले करने का दावा किया है। ईरान के सैन्य प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी ने हुंकार भरते हुए कहा कि वे अमेरिका और इजरायल के खिलाफ 6 महीने तक लंबी जंग लड़ने के लिए तैयार हैं।

कूटनीतिक हलचल और ट्रम्प की चेतावनी
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डोनाल्ड ट्रम्प: अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को ‘लूजर’ करार देते हुए कहा कि वह अपने पड़ोसियों के सामने झुक गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकियों को नुकसान पहुँचाया गया, तो वे दुनिया के किसी भी कोने में घुसकर मारेंगे।
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चीन की अपील: चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने इस संघर्ष को ‘जंगल का कानून’ बताते हुए तुरंत युद्धविराम और बातचीत की मांग की है।
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परमाणु खतरा: रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और इजरायल अब ईरान के 60% संवर्धित यूरेनियम भंडार को अपने कब्जे में लेने के लिए एक विशेष सैन्य ऑपरेशन पर विचार कर रहे हैं।

युद्ध अपराध की जांच की मांग
मानवाधिकार संगठन ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ ने दक्षिणी ईरान में एक लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले की ‘युद्ध अपराध’ के रूप में जांच की मांग की है। इस हमले में 160 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकांश स्कूली बच्चे थे।














