
Who is Delcy Rodriguez: अमेरिका द्वारा किए गए सैन्य हमलों के बाद जब अमेरिकी सरकार ने यह दावा किया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को पकड़कर देश से बाहर ले जाया गया है, तब से वेनेजुएला में सत्ता को लेकर अभूतपूर्व अनिश्चितता पैदा हो गई है. मादुरो की स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि के अभाव में देश की संस्थागत व्यवस्था असमंजस में है और विदेशी हस्तक्षेप के खिलाफ प्रतिरोध भी तेज हो गया है.
इसी बीच सबसे बड़ा सवाल यह बन गया है कि वेनेजुएला का नेतृत्व अब कौन करेगा? संवैधानिक व्यवस्था के तहत निगाहें सीधे उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रीगेज़ पर जा टिकी हैं, जिन्हें मौजूदा हालात में सत्ता की सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है.
कौन हैं डेल्सी रोड्रीगेज़?
डेल्सी एलोइना रोड्रीगेज़ गोमेज़, जन्म 18 मई 1969, पेशे से वकील, राजनयिक और लंबे समय से वेनेजुएला की राजनीति का अहम चेहरा रही हैं. वह 14 जून 2018 से वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति के पद पर हैं. वेनेजुएला के संविधान के अनुसार, यदि राष्ट्रपति पद रिक्त होता है या राष्ट्रपति काम करने में असमर्थ होता है, तो उपराष्ट्रपति पहली संवैधानिक उत्तराधिकारी होती हैं. इसी वजह से मौजूदा हालात में डेल्सी रोड्रीगेज़ को सत्ता संभालने की स्वाभाविक दावेदार माना जा रहा है.
‘इंटरिम प्रेसिडेंट’ बनाए जाने की अटकलें
जांच पत्रकार लॉरा लूमर ने शनिवार को सूत्रों के हवाले से दावा किया कि डेल्सी रोड्रीगेज़ को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया जा सकता है. उन्होंने X पर लिखा कि ‘नया अपडेट: एक सूत्र ने मुझे बताया है कि वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति @delcyrodriguezv डेल्सी रोड्रीगेज़ को आज वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया जा सकता है। यह कदम वेनेजुएला पर अमेरिकी हवाई हमलों और राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा @NicolasMaduro को अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज द्वारा ‘गिरफ्तार कर देश से बाहर ले जाने’ की घोषणा के बाद उठाया जाएगा।” हालांकि, इस दावे की अब तक वेनेजुएला सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
ट्रंप के दावे और ‘नार्को-टेरर’ का आरोप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मादुरो की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए उन पर “नार्को-टेररिस्ट सरकार” चलाने का आरोप लगाया है. ट्रंप इससे पहले भी कई बार मादुरो से सत्ता छोड़ने की मांग कर चुके हैं और वेनेजुएला पर अमेरिका के खिलाफ “भयानक गतिविधियों” का आरोप लगा चुके हैं. इसी बीच इटली के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने कहा कि वह वेनेजुएला में हो रहे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लगातार जानकारी दी जा रही है. यह बयान दिखाता है कि वेनेजुएला संकट अब वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है.
तेल, प्रतिबंध और सैन्य दबाव
अमेरिका ने उन जहाजों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं, जिनके जरिए वेनेजुएला का तेल ले जाया जाता है. साथ ही अमेरिकी सेना ने क्षेत्र में वेनेजुएला की नौकाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है, जिन पर ड्रग और नार्कोटिक्स तस्करी में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं. वेनेजुएला सरकार ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर अमेरिका के हमलों को “सैन्य आक्रामकता” बताया और इसकी कड़ी निंदा की. सरकार ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने कराकास और मिरांडा, अरागुआ व ला गुएरा राज्यों में नागरिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया.
बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 1 और 2 का खुला उल्लंघन है, जो देशों की संप्रभुता की रक्षा और बल प्रयोग पर रोक की बात करता है. वेनेजुएला ने इसे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया है. मादुरो की स्थिति स्पष्ट न होने, अमेरिकी दावों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं के बीच वेनेजुएला एक संवैधानिक और राजनीतिक चौराहे पर खड़ा है. अब पूरी दुनिया की नजर इस पर टिकी है कि क्या डेल्सी रोड्रीगेज़ अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में सत्ता संभालेंगी या कोई नया राजनीतिक मोड़ सामने आएगा.














