बलरामपुर मदरसों में 11 करोड़ एमडीएम गबन के बाद अंकपत्र सत्यापन पर उठे गंभीर सवाल, जांच की मांग तेज

मदरसों में एमडीएम गबन के बाद अंकपत्र सत्यापन की मांग तेज, कई जनपदों में हो चुका है फर्जी अंकपत्र का खेल

बलरामपुर । उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जनपद में मदरसों में मिड-डे मील (एमडीएम) में 11 करोड़ रुपये से अधिक के गबन के खुलासे के बाद अब इन मदरसों से जारी अंकपत्रों के सत्यापन को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बीते वर्ष सिद्धार्थ नगर, बस्ती, कुशीनगर जनपद में फर्जी अंक पत्र जारी मामले में तत्कालीन रजिस्ट्रार पर कार्रवाई भी हो चुकी है। सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की जांच दूसरे विभाग से कराने की मांग की है, ताकि फर्जी अंक पत्रों के सहारे घुसपैठ और भारतीय नागरिकता हासिल करने की साजिश भी हाे सकती है।

बलरामपुर में गत गुरुवार को दर्ज हुए एमडीएम में 11 करोड़ रुपये के गबन के बाद फर्जी छात्र संख्या और कूटरचित दस्तावेजों पर चर्चा फिर तेजी से उठने लगी हैं। इस मामले में बीएसए शुभम शुक्ला की तहरीर पर नगर काेतवाली में एमडीएम घाेटला मामले में पांच लाेगाें की गिरफ्तारी की जा रही है, जबकि 40 से अधिक लाेग जांच के घेरे में है। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने गबन मामले की जांच चल रही है। अब माना जा रहा है कि एमडीएम गबन और फर्जी अंकपत्र, दोनों एक संगठित गिरोह के संचालित नेटवर्क के हिस्से हो सकते हैं। सामाजिक संगठनों ने इस मामले की जांच दूसरे विभाग या उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि पूरे मामले का सच सामने आ सके।

प्रदेश के मदरसों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर लगातार आवाज उठाने वाले जौनपुर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता जितेंद्र दुबे ने शनिवार काे हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि बस्ती, कुशीनगर जनपद में फर्जी अंक पत्रों का खेल हो चुका है। जिसमें तत्कालीन मंडलायुक्त बस्ती की जांच रिपोर्ट में तत्कालीन रजिस्ट्रार जगमोहन सिंह की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। इन्हीं आधारों पर राज्य सरकार ने 12 फरवरी 2024 को रजिस्ट्रार जगमोहन सिंह को निलंबित किया था, हालांकि जांच के दौरान उनकी हुई बहाली पर भी सवाल उठे हैं। आरटीआई कार्यकर्ता ने वर्ष 2022 से मदरसों से जारी अंक पत्रों की जांच कराए जाने की भी मांग भी शासन से की है।

जनपद बलरामपुर के कई मदरसों में छात्रों की संख्या बढ़ाकर दिखाने, एमडीएम का धन हड़पने का मामला बीते चार वर्षों से चलने का मामला उजागर होने के बाद दर्ज छात्रों के नाम पर फर्जी अंक पत्र भी जारी होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। वर्तमान में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) भी चल रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र कुशीनगर, सिद्धार्थ नगर, बस्ती में फर्जी अंकपत्र का खेल हो चुका है। जांच के बाद कार्रवाई हो चुकी है। ऐसे में सीमा क्षेत्र में फर्जी अंक पत्र के सहारे घुसपैठ की भी संभावना जताई जा रही है।

इस संबंध में अपर जिलाधिकारी नगर ज्योतिश्री ने बताया कि प्रशासन इस मामले की हर तरह से नजर रखें हैं। इस मामले में हर स्तर पर जांच कराई जा रही है। एसआईआर कार्य इससे प्रभावित नहीं है। पूरी तरह से जांच की जा रही है।

उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड के निदेशक अंकित अग्रवाल ने बताया कि इस तरह का मामला अभी संज्ञान में नहीं आया है। ऐसा कुछ भी इनपुट आता है तो वृहद स्तर पर पूरे प्रदेश में जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

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